
मामा बालेश्वर दयाल कॉलेज कुशलगढ़ में एबीवीपी ने किया विरोध-प्रदर्शन, सिर्फ 9 व्याख्याताओं के भरोसे 1985 विद्यार्थी
बांसवाड़ा/कुशलगढ़. मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय, कुशलगढ़ के विद्यार्थी लम्बे समय से व्याख्याताओं के इंतजार में हैं। प्राचार्य व उपाचार्य के पदस्थापन को लम्बा अरसा बीत गया। ऐसे में अध्यापन व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। चार विषयों में एक भी व्यक्ति नहीं होने और 02 व्याख्याताओं के प्रतिनियुक्त होने से 6 विषय में तो मार्गदर्शन और उपस्थिति दर्ज करने वाला भी कोई नहीं हैं। ऐसे हालात पर गुरुवार को विद्यार्थी परिषद के बैनर तले विद्यार्थियों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने कार्यवाहक प्राचार्य व अन्य स्टाफ को भी कॉलेज में प्रवेश नहीं करने दिया और नारेबाजी कर व्याख्याताओं के रिक्त पद भरने और खेल मैदान को समतलीकरण की मांग की। इस दौरान एबीवीपी के मुकेश डोडियार, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जीवनलाल निनामा, भरत बारिया, विनोद भाभोर, कालू सिंह, छात्रसंघ महासचिव कमलेश पारगी, रीना खडिया, ललिता व अन्य छात्र नेता व प्रतिनिधि एवं सदस्य उपस्थित थे। प्रोबेशन काल में तबादला: गत दिनों कुशलगढ़ कॉलेज में संस्कृत विषय के व्याख्याता को नियुक्त किया गया था। नवीन नियुक्त के कारण दो वर्ष का समय प्रोबेशन का रहता है। इसके बावजूद व्याख्याता का यहां से तबादला कर दिया गया। कॉलेज में भूगोल विषय के व्याख्याता का पद रिक्त है। बावजूद गत दिनों यहां से डा. लक्ष्मण परमार को प्रतिनियुक्ति पर जीजीटीयू लगा दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कॉलेज में विषय को पढ़ाने वाला कोई अन्य नहीं है तो डा. परमार का तब्दला क्यों किया गया? विद्यार्थियों ने प्रतिनियुक्ति निरस्त करने की मांग की है। इधर मामले को लेकर एमबीडी कॉलेज कुशलगढ़ के कार्यवाहक प्राचार्य सुशील कुमार बिस्सु ने कहा कि उच्च अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। विद्यार्थियों की मांग के संबंध में वहां से प्राप्त निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में उपस्थित व्याख्याताओं से व्यवस्थाएं बेहतर संचालित की जा रही हैं।
Published on:
22 Nov 2019 01:56 pm
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