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शिव महापुराण कथा में सती चरित्र का प्रसंग सुनाया

Rajasthan

झूलेलाल मंदिर में 9 दिवसीय शिव महापुराण कथा
डूंगरपुर. सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर में चल रही 9 दिवसीय शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथा व्यास भागवताचार्य दीपेन व्यास ने विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। भागवताचार्य ने बताया कि प्रजापति दक्ष ने घोर तपस्या कर पराम्बा जगदंबा को प्रसन्न किया और उन्हें पुत्री के रूप में प्राप्त करने का वरदान पाया। इसके बाद दक्ष सुता सती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तपस्या की, जिसके फलस्वरूप भगवान शिव और सती का विवाह संपन्न हुआ।
कथा में बताया गया कि प्रजापति दक्ष ने विशाल यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया। अपमानित महसूस कर सती ने यज्ञ कुंड में अपने प्राण त्याग दिए और भगवान विष्णु से हर जन्म में शिव को ही पति के रूप में पाने का वरदान प्राप्त किया। इस अवसर पर रमेश वरियानी, नीलू डेमला, रजनीकांत पण्ड्या, मधुबाला पण्ड्या, करुणा दीक्षित, बबीता श्रीमाल, सुभाष सहित अनेक शिव भक्त पहुंचे। नित्य पूजन विधान शास्त्री रोहित पण्ड्या की ओर से संपन्न करवाया गया। संगीतमय कथा में बांसुरी पर गुजरात से दिनेश दवे, बैंजो पर देवदास साधु, हारमोनियम पर जनक जोशी, तबले पर ध्रुव गौड़ ने प्रस्तुति दी।