
बेणेश्वर धाम पर जनजाति प्रतिभाओं का सम्मान, राज्यमंत्री ने बंद कमरे में की विकास की 'समीक्षा'
बांसवाड़ा/गनोड़ा. बेणेश्वर धाम पर जनजाति विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामणिया की अगुवाई में प्रतिभा सम्मान समारोह और बेणेश्वर धाम विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बंद कमरे में राज्यमंत्री बामणिया के नेतृत्व में धाम पर हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान मंत्री सहित विभागीय अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। इसके पहले प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम हुआ। जिसमें जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामणिया, पीठाधीश्वर महंत अच्युतानंद महाराज, विधायक गोपीचंद मीणा, पूर्व विधायक राईया मीणा, प्रधान ललीता डिण्डोर, गढी प्रधान कांता भील व देवस्थान विभाग के आयुक्त जितेन्द्र उपाध्याय के आतिथ्य में उदयपुर, बांसवाडा, डूंगरपुर व प्रतापगढ के जनजाति के 25 प्रतिभा छात्राओं को प्रशस्ति प्रत्र भेंट कर सम्मान किया। साथ ही पारितोषिक रूप में मिलने वाली राशि को संबंधित प्रतिभाओं के बैक खातों में हस्तान्तरित करने की बात कहीं। इस दौरान वक्ताओं ने बेणेश्वर की गाथा जरूर गाई, लेकिन 15 करोड़ के विकास कार्यों में 5 काम पूरे नहीं होने के सवाल पर चुप्पी साधे रखी। राज्य मंत्री ने बेणेश्वर धाम पर विकास के कार्यों को लेकर दुबारा ड्राईग तैयार करना, हाईलेवल पुल की डीपीआर सहित अन्य विकास की बात कही। संचालन कुलदीपसिंह ने व आभार अतिरिक्त आयुक्त अंजली राजोरिया ने जताया।
बंद कमरे में उठे सवाल, विकास कार्यो की गति धीमी क्यों, जवाब कोरोना
विकास के कार्यों की समीक्षा व प्रगति को लेकर अर्जुनसिंह बामणिया ने आसपुर विधायक गोपीचंद मीणा, महंत अच्युतानंद महाराज, शिवालय ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवन्तसिंह, प्रधान ललीता डेण्डोर व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जनजाति विकास व देवस्थान विभाग के कार्यों की प्रगति को लेकर अधिकारियों की क्लास ली। बताया जाता है कि मंत्री ने सवाल किया कि विकास कार्यों की गति धीमी क्यों रही। हालांकि सहीं जवाब नही मिला, अधिकारियों ने कोरोना को वजह बताया। मास्टर प्लान को लेकर डेढ़ करोड राशि को टापू के पश्चिम भाग में रिंगवाल बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। ऐसे मे प्रश्र उठता है कि पहले से ही महंत की शाही पालकी मार्ग पर निमार्णाधीन रिंगवाल आधी अधूरी पडी हुई है। बैठक में उपखण्ड अधिकारी बीएल सुथार, डीएसपी निरंजन चारण, थाना अधिकारी मनीष कुमार, पटवारी हेमेश भावसार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बीटीपी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर राज्यमंत्री को ज्ञापन दिया। वहीं मनरेगा तकनीकी कार्मिकों ने भी ज्ञापन दिया। साथ ही स्थाईकरण की मांग की गई।
Published on:
29 Dec 2020 04:04 pm
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