
मार्बल व्यवसायी से आठ लाख रुपए की ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार
बांसवाड़ा. एक माह पहले शहर के मार्बल व्यवसायी को मोबाइल पर कॉल कर चिकित्सकीय आवश्यकता के लिए अचानक राशि की आवश्यकता होने और स्वयं को व्यवसायी के परिचित व्यक्ति का नाम व आवाज बदलकर आठ लाख रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोतवाली थाना पुलिस ने सफलता अर्जित की है। मामले में मुख्य आरोपी सहित दो की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार नौ सितंबर को दीपक पुत्र विश्वम्भर अग्रवाल निवासी कुशलबाग पैलेस ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह मार्बल व्यवसायी है और बांसवाड़ा व अहमदाबाद में व्यवसाय है। आठ सितंबर को उसके ताऊ विनोद अग्रवाल के मोबाइल पर कॉल आया। कॉलर ने खुद को प्रार्थी के परिचित मार्बल व्यवसायी अश्विनी अग्रवाल बताया और कहा कि उसके चिकित्सकीय आवश्यकता के लिए अहमदाबाद में आठ लाख रुपए नकद चाहिए। यह राशि बांसवाड़ा में उसका एक व्यक्ति दे देगा। इस पर विनोद अग्रवाल ने अश्विनी अग्रवाल की मदद करने के लिए अहमदाबाद में आठ लाख रुपए की व्यवस्था करने को कहा। दीपक ने अश्विनी से मोबाइल पर बात की तो बताया कि अहमदाबाद में उसका व्यक्ति विनोद रुपए ले प्राप्त कर लेगा। इसके बाद मोबाइल नंबर एसएमएस के जरिये दिया और बांसवाड़ा में आठ लाख रुपए लौटाने वाले व्यक्ति का नाम कमलेश बताया। उसने अहमदाबाद वाले विनोद से बात कही और बांसवाड़ा में अपने परिचित प्रवीण से अहमदाबाद में आठ लाख की व्यवस्था करने को कहा। प्रवीण ने राशि की व्यवस्था कर रुपए उपलब्ध कराने की बात कही। रिपोर्ट के अनुसार अश्विनी को राशि मिलने के संबंध में कॉल किया तो मोबाइल बंद आया। अहमदाबाद वाले विनोद नामक व्यक्ति का मोबाइल भी बंद आया। लगातार मोबाइल बंद आने पर अश्विनी से संपर्क किया तो उसने बताया कि न तो उसने किसी से रुपए मंगवाए हैं और न ही किसी को भेजा है। किसी ने धोखाधड़ी की है। इस पर रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया। अनुसंधार एएसआई सरदारसिंह ने शुरू किया।
टीम गठित, आरोपियों को तलाशा
मामले में एसपी केएस सागर के निर्देश पर एएसपी केएस सांदू व सीओ गजेंद्रसिंह राव के निर्देशन में टीम गठित की। इसमें कोतवाल रतनसिंह, एएसआई सरदारसिंह, हेडकांस्टेबल साइबर सेल प्रवीणसिंह, कांस्टेबल सतीश कुमार, जगपालसिंह, सुखराम को सम्मिलित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने तकनीकी अनुसंधान व मुखबीर की सूचना पर आरोपी राजूसिंह पुत्र जोगसिंह भायल निवासी चवरड़ा जिला जालौर तथा पप्पूसिंह पुत्र कुमारसिंह सिसोदिया निवासी तरवाड़ा जालौर को अहमदाबाद व जालौर से पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने आठ लाख रुपए पीएम एंटरप्राइजेज कालूपुर से प्राप्त करने व मुख्य आरोपी दुर्गासिंह उर्फ दरगसिंह निवासी तड़वा जालौर को देना स्वीकार किया। पुलिस अब मुख्य आरोपी एवं सूत्रधार दुर्गसिंह और उसके पुत्र तनुसिंह की तलाश में जुटी है। दुर्गसिंह के खिलाफ थाना बागरा जालौर, थाना भांकरोटा जयपुर, मुम्बई एवं कर्नाटक में भी ऐसी ही घटनाओं के प्रकरण दर्ज होकर चालान हुए हैं।
ट्रू-कॉलर पर एडिटिंग
पुलिस ने बताया कि व्यवसायी दीपक की जालौर मे माईंस है। वहां मुख्य आरोपी दुर्गसिंह ने दीपक व व्यवसायी मित्र अश्विनी अग्रवाल के बारे मे जानकारी प्राप्त की। इसके बाद अश्विनी के नाम को ट्रू-कॉलर पर एडिटिंग से जोड़कर प्रार्थी व विनोद अग्रवाल को अश्विनी की आवाज में कॉल किया जिसे सही समझकर अहमदाबाद में दीपक के मित्र पीएम इन्टरप्राजेज से बोलकर राशि दिलवाई। दुर्गसिंह ने अपने परिचित राजूसिंह व पप्पूसिंह को रुपए दिलवाए, जो उन्होंने दुर्गसिंह तक पहुंचाए।
Published on:
13 Oct 2021 02:14 am
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