
बांसवाड़ा : छात्र संगठनों के दो गुट भिड़े, पुलिस ने किया बीच-बचाव, तीन नामजद, 50 के खिलाफ प्रकरण दर्ज
बांसवाड़ा. छात्रसंघ चुनाव की तिथि अभी घोषित भी नहीं हुई है इससे पहले कॉलेज में राजनीति का पारा सोमवार को यकायक चढ़ गया। दो अलग-अलग छात्र संगठनों के गुट आमने -सामने हो गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सूचना पर पहले कॉलेज प्रशासन और फिर पुलिस ने पहुंच बीच-बचाव कर मामला शांत किया। एसटीएससी छात्र संगठन ने मामले की लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस को दी है। वहीं भील मोर्चा ने प्राचार्य को ज्ञापन देकर कॉलेज परिसर में उनके कार्यकताओं के सुरक्षा की गुहार लगाई है। जानकारी अनुसार एसटीएससी छात्र संगठन कॉलेज परिसर में बैठक कर सदस्यता अभियान व चुनावी तैयारी को लेकर चर्चा कर रहा था।
इसी दौरान डंूगरपुर कॉलेज से भील प्रदेश मोर्चा के पदाधिकारी व कुछेक सदस्य भी कॉलेज पहुंचे और सदस्य बनाने के लिए उन्होंने छात्रों से संपर्क शुरू किया। इस दौरान किसी बात तो लेकर उनकी एसटीएससी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं से तू-तू, मैं-मैं हो गई। पहले एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप तथा सदस्यता बढ़ाने के तौर-तरीकों को लेकर बहसबाजी हुई और हंगामा होने लगा। इस पर प्राचार्य मौके पर पहुंचे और दोनों संगठनों से समझाइश की। एक बारगी शांति के बाद कुछ ही देर में छात्र फिर उलझने लगे और मामला गिरेबान पकडऩे व हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और दोनों गुटों को अलग अलग किया। इस दौरान मौके पर मौजूद एक सेवानिवृत्त व्याख्याता की भूमिका पर भी एसीटीएससी संगठन ने सवाल उठाए हैं।
नारेबाजी करते हुए क्लास में घुसे
एसटीएससी छात्र संगठन की रिपोर्ट के हवाले से थाना प्रभारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया कि अजय खराड़ी, कपिल डिण्डोर, संदेश मईड़ा, अमिताभ मईड़ा कॉलेज के नियमित विद्यार्थी है। सोमवार को मणिलाल गरासिया, बसंत गरासिया, रबी बरजोर सहित अन्य 50 लोग महाविद्यालय की कक्षाओं में नारे लगाने लगे। साथ ही क्लास को खाली करवाने के लिए मारपीट करने लगे। नारेबाजी करते हुए रैङ्क्षगग लेने लगे। इस पर माहौल बिगड़ गया। मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पत्रिका ने वहीं भील प्रदेश मोर्चा से भी मामले में पक्ष जानना चाहा। पर उन्होंने मोबाइल कॉल रिसीव किया। इससे उनसे बात नहीं हो सकी।
...ज्ञापन मिला है
एसीटीएससी व भील प्रदेश मोर्चा में विवाद हुआ था। समझाइश कर मामला शंात किया। फिर नहीं माने तो पुलिस ने दोनों को अलग-अलग कर दिया। भील मोर्चा ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
डॉ डी के जैन, प्राचार्य, गोविन्द गुरु राजकीय महाविद्यालय
...शिकायत दी है
एसटीएसी छात्र संगठन के सदस्यों से कॉलेज परिसर में विवाद व मारपीट हुई है। इस पर संगठन ने लिखित शिकायत पुलिस प्रशासन को दी है। एक व्याख्याता के भी मामले में सक्रिय होने की सूचना भी मिली है।
मनोहर खडिया, अध्यक्ष, एसटीएससी छात्र संगठन
Published on:
14 Aug 2018 04:23 pm
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