
बांसवाड़ा. वागड़ के दो जिलों बांंसवाड़ा-डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में हर साल सैकड़ों विद्यार्थी बीएड कर रहे हैं, लेकिन एमएड करने का उनका सपना दूसरे शहरों के भरोसे है और इसमें भी दूरी व आर्थिक अड़चनों की बेडिय़ां कइयों के सपने तोड़ रही है। जीजीटीयू की स्थापना से लोगों की उम्मीदें परवान चढ़ी कि एमएड की राह खुलेगी, लेकिन वहां भी फिलहाल कोई पहल होती दिखाई नहीं दे रही है।उच्च शिक्षा की डगर वागड़ व कांठल के विद्यार्थियों के लिए हमेशा से ही आसान नहीं रही है।
यहां का विद्यार्थी अब भी उच्च शिक्षा के नवीन व कई पाठ्यक्रमों के लिए उदयपुर-जयपुर दौड़ लगाने को मजबूर है। गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के रूप में बड़ी सौगात जरूर मिली है। पीएचडी की राह खुली है, लेकिन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यकताएं अब भी पूरी नहीं हो सकी हैं। विवि के प्रारंभ होने के बाद उम्मीद थी कि यह दौड़ थमेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विश्वविद्यालय फिलहाल जिन कोर्स का संचालन कर रहा है इसमें से पीजी के कई कोर्स यहां पहले से ही संचालित हैं। यद्यपि स्ववित्त पोषित योजना के तहत एमए इन योगा व एमए इन एज्यूकेशन के रूप में दो विकल्प जीजीटीयू ने दिए हैं। ऐसे में कुछ ऐसे विषय प्रारंभ करने की दरकार है, जिससे यहां के युवाओं को अन्यत्र भटकना नहीं पड़े।
एमएड कराने वाला एक कॉलेज नहीं
बांसवाड़ा, डंूगरपुर व प्रतापगढ़ में बीएड कॉलेजों की संख्या 17 से अधिक है। साथ ही अब बीएससी बीएड व बीएबीएड पाठ्यक्रम भी इन जिलों के कई कॉलेजों में प्रारंभ हो चुका है। इनमें प्रति वर्ष सैकड़ों विद्यार्थी बीएड कर विद्यालयी शिक्षक बनने की योग्यता हासिल कर रहे हैं, लेकिन इसके आगे विराम सा लगा है। इन तीनों ही जिलों में एक भी कॉलेज एमएड का नहीं है।
1700 प्रतिवर्ष
जिले में संचालित 17 बीएड कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या देखें तो एक अनुमान के अनुसार जिले में प्रतिवर्ष 1700 विद्यार्थी बीएड़ कर रहे हैं। इसमें से करीब 1000 बांसवाड़ा के स्थानीय विद्यार्थी होते हैं। साथ ही अन्य राज्यों से बीएड़ करने वालों की संख्या इसमें जोड़ों तो यह बहुत अधिक बैठती है।
जिले व बीएड कॉलेज
बांसवाड़ा-10
डंूगरपुर-04
प्रतापगढ़-03
एमएड की जगह एमए इन एज्यूकेशन विकल्प के तौर पर विद्यार्थी वर्तमान में कर रहे हैं। जीजीटीयू इसे नियमित पाठ्यक्रम के रूप में संचालित कर रहा है तो वहीं कोटा ओपन व अन्य विवि इसे पत्राचार से भी करवा रहे हैं।
Published on:
26 Dec 2017 12:47 am
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