
खमेरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में काम करते मजदूर। फोटो पत्रिका
Rajasthan News : बांसवाड़ा के घाटोल उपखंड के 64 गांवों में सात हजार हेक्टेयर जमीन सींचने के लिए बनी खमेरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना करीब छह साल तक अटकी रहने के बाद टनल बनाने का नया ठेका देने से गतिशील हुई है। हालांकि इसे मौजूदा माह में ही पूरा होना था, लेकिन पुराने अधूरे कार्य को फिर से करने से देरी के बाद अब इसके नवंबर तक पूरा होने के आसार है। गौरतलब है कि 2012-13 में 136 करोड़ रुपए के पैकेज में स्प्रिंकलर बेस्ड सिस्टम की इस परियोजना का कार्य शुरू हुआ था। करीब 44 किमी की इस जल वितरण प्रणाली में माही डेम से निकल रही 28.5 किमी की कैनाल के टेल से 14 किमी खमेरा तक इस परियोजना द्वारा सात हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई का लक्ष्य है। इसमें बड़ी चुनौती बीच में आ रही दो टनल की रही।
बांसवाड़ा में विभाग के अधिशासी अभियन्ता हंसराम मीणा के अनुसार 136 करोड़ की लागत और से परियोजना के अन्य कार्य में इंटेक वेल, चार, नौ और चौदह किमी दूरी पर तीन डिग्गी, माही के हेड पर तीन सौ मीटर की टनल, 270 मीटर कट एंड कवर 465 किमी पाइप लाइन का काम हो गया, लेकिन टनल का काम नहीं हो सका। तब विभागीय जांच के बाद वर्क विड्डों कर अधिशेष कार्य का नौ करोड़ का नया टेंडर किया गया। उसके बाद से काम जारी रहा, लेकिन कुछ काम दोबारा करने से समय ज्यादा लग गया। अब यह नवंबर तक पूरा होने की संभावना है।
माही परियोजना के खमेरा खंड के अनुसार 2022-23 में जिस बड़ी टनल का काम प्रारंभ हुआ, वह खुदाई के बाद बिना लाइनिंग किए ठेकेदार छोड़ गया। इससे पांच-छह साल द्वंद में बीता तो सीपेज और टनल में फिर भराव हो गया। इससे दोबारा काम की नौबत आने आने से वह अब तक अधूरा है।
विभाग के अनुसार 14 किमी की परियोजना के शुरुआत में माही हेड की छोटी 300 मीटर की टनल बन चुकी है, लेकिन टेल के उन्डवेला हनुमान मंदिर के पास दो टुकड़ों में 1700 मीटर यानी डेढ़ किमी से ज्यादा लंबी टनल और उसके बीच वेल का काम ठेका फर्म छोड़ गई। जिसके बाद खमेरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना अटक गई और कार्य पूरा होने में समय लगाने लगा।
Updated on:
07 Jun 2026 09:41 am
Published on:
07 Jun 2026 09:41 am
