
बांसवाड़ा/गनोड़ा. बासंवाड़ा-उदयपुर मार्ग स्थित सुन्दनी गांव के पास मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाले दर्दनाक हादसे में थ्रेसर में फंसकर एक श्रमिक का शरीर कुचल गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को वहीं रख दिया। इसके चलते दिनभर विवाद की स्थिति बनी रही। शाम को जब डेढ़ लाख मुआवजा तय हुआ तब परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हुए।
धोती के साथ थे्रेसर में चला गया श्रमिक
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार सुबह लालजी यादव के खेत में थ्रेसर से गेहूं निकालने का कार्य किया जा रहा था। श्रमिक सुन्दनी निवासी हकरू (45) पुत्र पूजियाा डोडियार गेहूं की पूलियां थ्रेसर में डालने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान हकरू की धोती का हिस्सा गेहूं की पूली में अटक कर थ्रेसर के भीतर चला गया। पलक झपकते ही हकरू का संतुलन बिगड़ गया और गिरने के बाद थे्रसर में खींचता चला गया। उसके शरीर से घुटनों से लेकर नाभि तक का हिस्सा कुचल गया। उसके पैरों का घुटनों के नीचे का हिस्सा और सीने व चेहरा थ्रेसर की चपेट से बच गया। आस पास के लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही शरीर का काफी हिस्सा कुचल गया। यह देख वहां कार्य कर रहे अन्य लोग चिल्लाए और थ्रेसर बंद करवाया।
मुआवजा तय होने के बाद उठने दिया
हादसे के बाद मृतक और थे्रसर मालिक के पक्षों के मध्य काफी देर तक वार्ता चली। ग्रामीणों ने थ्रेसर मालिक महेन्द्र सेवक पुत्र नानूराम सेवक निवासी सुन्दनी से पीडि़त परिवार को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग रखी। करीब डेढ़ लाख रुपए देना तय हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बांसवाड़ा ले जाया गया।
इसी माह होनी थी बेटी की शादी, मातम
हकरू की बेटी की इसी माह भीमपुर में शादी होने वाली थी।आठ अप्रेल को लगन की रस्म में मेहमान घर आने वाले थे। विवाह के पैसों के लिए वह थ्रेसर पर मजदूरी कर रहा था। वारदात से खुशियां गम में बदल गई।
थ्रेसर तोडकऱ शव निकाला
कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद थे्रसर को तोडकऱ शव को जैसे तैसे कर बाहर निकाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया।
Published on:
04 Apr 2018 01:30 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
