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टीबी अभियान में 5021 लोगों की हुई जांच, पाये गये 141 पाजिटिव केस

ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके चलाए गए इस अभियान के तहत कुल 5021 लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए 141 व्यक्तियों टीबी रोग से पीडि़त पाया गया।

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टीबी अभियान में 5021 लोगों की हुई जांच, पाये गये 141 पाजिटिव केस

टीबी अभियान में 5021 लोगों की हुई जांच, पाये गये 141 पाजिटिव केस

बाराबंकी. भारत से क्षय रोग को 2025 तक पूर्ण रुप से समाप्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के तहत टीमों ने घर-घर जाकर क्षय रोगियों की तलाश की गई। ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके चलाए गए इस अभियान के तहत कुल 5021 लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए 141 व्यक्तियों टीबी रोग से पीड़ित पाया गया। पॉजटिव सभी मरीजो का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर इलाज शुरू दिया गया।। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के 16 चिकित्सा अधिकारी सहित कुल 274 टीमें लगायी गई। यह अभियान 26 दिसम्बर से 25 जनवरी तक चलाया गया।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एके वर्मा ने बताया कि टीबी रोगी खोजी अभियान शुरू किया गया है जो 25 जनवरी के मध्य चलाया गया। इस अभियान को तीन चरण में बांटा गया है। यह अभियान में जिले के सभी ब्लाकों के 20 प्रतिशत चिन्हित हाई रिस्क आबादी पूरा करके 5021 संदिग्ध व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करते हुए सभी चरणों में कुल 141 छय रोगी सहित एक कोविड 19 के केस पाये गये। साथ ही लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया गया।

डीटीओ ने बताया कि पहला फेज 26 दिसम्बर से 1 जनवरी के मध्य चला। अभियान के शुरूआती चरण में टीबी व कोविड 19 के रोगी खोजे गये। यह अभियान जिला कारागार, वृद्धा आश्राम व किशोरी संप्रेक्षण गृह में चला। इसमें टीबी रोगी तो नही मिला लेकिन एक कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

द्वितीय चरण 2 जनवरी से 12 जनवरी के मध्य चला। अभियान में 108 टीबी के पॉजटिव केस पाया गया । यह अभियान में जिले के सभी ब्लाकों के 20 प्रतिशत चिन्हित हाई रिस्क आबादी पूरा करके 2116 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई । इन पाँजिटिव लोगों के इलाज की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इनके लिए डाट्स प्रोवाइडरों की नियुक्ति कर भी दी गई है।

तीसरा चरण 12 जनवरी से 26 जनवरी के मध्य चला। इस अभियान में 33 टीबी के पॉजटिव केस पाया गया। जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र की 16 टीमें प्राइवेट चिकित्सक, क्लीनिक, नर्सिंग होम के अलावा लैब पैथोलॉजी एवं दवा विक्रेताओं के यहां टीबी के मरीजों को खोजने का कार्य की गई। उन्होंने बताया है कि इस दौरान टीमें किसी व्यक्ति में लक्षण होने की संभावना पर उनकी जांच को बलगम एवं खून के सैंपल लेती हैं जिन्हें प्रयोगशाला भेज दिया जाता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 274 टीमें सक्रिय

जिले में सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। 26 दिसम्बर से 26 जनवरी चले अभियान में विभाग के 16 चिकित्सा अधिकारी टीबी, 59 सुपरवाइजर व 274 टीमें लगी हुईं हैं जो जनपद की कुल 640 अधिक लोगों तक पहुंच रही हैं।

यह लक्षण दिखे तो जरूर करा लें जांच

जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि अगर छह प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो कतई नजरंदाज न करें। इनमें दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन का घटना। बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्का बुखार होना। रात में बेवजह पसीना आना। भूख कम लगने जैसी समस्या है तो अवश्य ही अपनी जांच करा लें। जांच के उपरान्त समय पर इलाज हो जाने से टीबी ठीक हो सकता है।

ये सावधानी बरतें

- खाने-पीने का ध्यान दें।

- खांसी आने पर मुंह पर कपड़ा रख लें।

- कोर्स पूरा होने के बाद बलगम की जांच कराएं।