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खतरे के निशान के करीब पहुंचा घाघरा नदी का जलस्तर, गांवों में कटान से दहशत

- सबसे ज्यादा समस्या सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा गांव में - टेपरा के साथ ही तेलवारी गांव में भी कटान जारी - ग्रामीणों ने पलायन कर तटबंधों पर बनाया ठिकाना

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Barabanki Ghaghara River water level increases

खतरे के निशान के करीब पहुंचा घाघरा नदी का जलस्तर, गांवों में कटान से दहशत

बाराबंकी . लगातार बढ़ रहे घाघरा नदी के जलस्तर से तटवर्ती गांवों के अंदर बाढ़ का पानी घुसने का खतरा बढ़ा गया है। गांव में कटान भी काफी तेजी से हो रही है। सबसे ज्यादा समस्या सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के ग्राम टेपरा के ग्रामीणों को हो रही है जिनके घर व खेती लायक जमीन नदी में कट रही है। ग्रामीण पलायन करके तटबंध पर अपना ठिकाना बना रहे हैं। टेपरा के साथ ही तेलवारी गांव में भी कटान हो रही है। इसके अलावा रामनगर क्षेत्र के कचनापुर, कोरिनपुरवा और जियनपुरवा की जमीन भी कट रही है। ग्रामीण बाढ़ और कटान की आशंका से परेशान हैं।

जिला प्रशासन अलर्ट

नदी के बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट पर है और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने का दावा कर रहा है। बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह के मुताबिक घाघरा नदी की बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी है। बाढ़ का पानी बढ़ने के बारे में तटवर्ती गांवों को सतर्क किया जा रहा है। बाढ़ से राहत एवं बचाव के लिए संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हैं। नदी का जल स्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। सभी संवेदनशील जगहों का निरीक्षण किया जा रहा है। कटर और ठोकरों का निर्माण किया जा चुका है।