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IPS डॉ. सतीश कुमार को बड़ी राहत: भ्रष्टाचार मामले में मिली क्लीन चिट, विभागीय कार्रवाई भी हुई समाप्त

आईपीएस डॉ. सतीश कुमार को बाराबंकी भ्रष्टाचार मामले में क्लीन चिट मिली, विभागीय कार्रवाई बिना दंड समाप्त हुई; वर्तमान में वे जालौन में पुलिस अधीक्षक हैं।

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डॉ. सतीश कुमार

डॉ. सतीश कुमार

बाराबंकी जिले के चर्चित भ्रष्टाचार प्रकरण में फंसे आईपीएस अधिकारी डॉ. सतीश कुमार को उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। शासन ने उन्हें क्लीन चिट देते हुए उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई को बिना किसी दंड के समाप्त कर दिया है।

क्या है पूरा मामला ? 

मामला वर्ष 2018 का है, जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कुछ कर्मचारियों पर 10 लाख रुपये की अवैध मांग और एक आरोपी से 60 लाख रुपये की उगाही के गंभीर आरोप लगे थे। एसटीएफ जांच में ये आरोप सही पाए गए थे, जिसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार को पर्यवेक्षणीय शिथिलता के आरोप में 1 अप्रैल 2019 को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।

पुनः बहाल हुए आईपीएस डॉ. सतीश 

हालांकि, डॉ. सतीश कुमार ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। उनके प्रत्यावेदन और पुलिस महानिदेशक की संस्तुति पर विचार करते हुए 28 जून 2019 को उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया। आगे की जांच में अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन ने स्पष्ट किया कि न तो डॉ. सतीश कुमार की कोई संलिप्तता पाई गई और न ही उनके पर्यवेक्षण में कोई लापरवाही मिली।

जालौन में हैं तैनात 

इस रिपोर्ट पर पुलिस महानिदेशक ने भी सहमति दी, जिसके बाद राज्यपाल के आदेशानुसार डॉ. सतीश कुमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई बिना किसी दंड के समाप्त कर दी गई। वर्तमान में डॉ. सतीश कुमार जालौन जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं।