
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बाराबंकी. माननीय न्यायालय के आदेश पर उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों और सड़क के समीप बने धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है, जिसके कारण कुछ लोगों की नाराजगी भी सामने आ रही है। इस आदेश में मंदिर-मस्जिद नहीं बल्कि धार्मिक स्थल हटाने की बात कही गयी है। मगर बाराबंकी में भाजपा नेता रंजीत बहादुर श्रीवास्तव इससे अलग राय रखते हैं। उनका कहना है कि सड़क पर बनी मजारें तो हटनी चाहिए, मगर मंदिर हटाने के बजाए सड़क ही हटा देनी चाहिए।
भाजपा नेता का विवादित बयान
भाजपा नेता रंजीत बहादुर श्रीवास्तव के इस विवादिच बयान के बाद जिले की राजनीति गर्म हो गई है। क्योंकि इस बार टिप्पणी किसी राजनीतिक दल पर नहीं बल्कि माननीय न्यायालय के आदेश पर है। न्यायालय के आदेश पर प्रदेश में सड़क किनारे बने धार्मिक स्थल हटाने का काम हो रहा है। मगर भाजपा नेता का मानना है कि सड़क किनारे बनी मजारें तो हटा देनी चाहिए, मगर मंदिर जहां हो वहाँ से सड़क ही हटा देनी चाहिए। इसका तर्क देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होती है। मगर मजारों का कोई अस्तित्व नहीं होता। वह केवल सरकारी भूमि पर कब्जे की नीयत से बनाई जाती हैं। पैगम्बर मोहम्मद साहब की भी कोई पक्की मजार नहीं है और बादशाह औरंगजेब ने भी इसे अस्तित्वहीन मानते हुए मजारों को हटाया था। लेकिन मन्दिर में हम अपने ईश्वर की प्राण प्रतिष्ठा कराते हैं, तो उसे न हटाकर सड़क हटा देनी चाहिए।