
मान्यता हिंदी की और इंग्लिश मीडियम में चल रहा ये नामी स्कूल, जांच में हुए खुलासे से मचा हड़कंप
बाराबंकी . एक नामी निजी स्कूल का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस स्कूल में की मानता कक्षा एक से आठ तक हिंदी माध्यम की है, जबकि यहां बिना मान्यता के ही अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी जा रही थी। इसके साथ ही अभिभावकों से मनमानी फीस भी वसूली जा रही है। इसका खुलासा बीएसए की जांच हुआ है। इस खुलासे के बाद भी स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावकों को धमकाने और उनके साथ बुरा व्यवहार करने का भी मामला सामने आया। वहीं बिना मान्यता विद्यालय को संचालित किए जाने पर बीएसए ने स्कूल प्रशासन को एक लाख रुपए जुर्माना की नोटिस दी है। इस कार्रवाई के बाद स्कूल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
सेंट्रल एकेडमी से जुड़ा मामला
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित आवास विकास कॉलोनी के सेंट्रल एकेडमी से जुड़ा है। दरअसल जिलाधिकारी के जनता दर्शन में कुछ लोगों ने सेंट्रल एकेडमी में बिना मान्यता के प्री प्राइमरी से उच्च प्राइमरी तक अंग्रेजी माध्यम से कक्षाएं संचालित करने और अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल किए जाने की शिकायत की थी। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच बीएसए को दी। शिकायत की जांच बीएसए वीपी सिंह ने की तो सेंट्रल एकेडमी की प्रधानाचार्य फीस से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा पाईं। इसके साथ ही गलत नाम से स्कूल का संचालन पाया गया। कक्षा एक से आठ तक की मान्यता सेंट्रल एकेडमी स्कूल के नाम से ली गई है कि विद्यालय का संचालन सेंट्रल एकेडमी के नाम से किया जा रहा है। जांच में पाया गया कि विद्यालय की मान्यता हिंदी माध्यम में ली गई है और बिना मान्यता के प्री प्राइमरी से कक्षा 8 तक अंग्रेजी माध्यम से कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। साथ ही एक ही कैंपस में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाएं गलत तरीके से चलती पाई गई। वहीं अभिभावकों से इन कक्षाओं के लिए मोटी फीस भी वसूली जा रही है। इसके साथ ही जांच में कई अन्य खामियां भी पाई गईं। वहीं स्कूल में इतनी कमियां पाए जाने के बाद भी स्कूल प्रशासन अपनी गलती मानने के बजाय बुरा बर्ताव करने से बाज नहीं आ रहा।
जनता दर्शन में हुई थी शिकायत
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के जनता दर्शन में शिकायत हुई थी कि सेंट्रल एकेडमी स्कूल में महंगी फीस ली जा रही है। डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद जांच कराई गई तो पता चला कि विद्यालय की मान्यता कक्षा एक से आठ तक हिंदी माध्यम में है लेकिन अंग्रेजी माध्यम से स्कूल चलता मिला। प्री प्राइमरी नर्सरी और केजी की अमान्य कक्षाएं संचालित हो रही थीं। एक ही परिसर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय गलत तरीके से चल रहा है। विद्यालय में मनमानी फीस ली जा रही है। बीएसए के मुताबिक इन कमियों के आधार पर स्कूल की मान्यता वापस लिए जाने और एक लाख रुपए का जुर्माना देने की नोटिस भेजी गई है। साथ ही आगे से इंग्लिश मीडियम में क्लास संचालित करने पर प्रतिदिन दस हजार रूपए का जुर्माना लगाने की भी चेतावनी दी गई है।
Updated on:
20 Jun 2019 10:15 am
Published on:
20 Jun 2019 10:13 am
बड़ी खबरें
View Allबाराबंकी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
