
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बाराबंकी. इस समय अगर किसी विषय पर चर्चा हो रही है तो है भारत का अन्नदाता किसान। जब से केन्द्र की मोदी सरकार किसान सुधार अध्यादेश लेकर आई है तब से किसान आन्दोलित है और उसी का परिणाम है कि सिन्धु बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान कड़ाके की ठण्ड में भी रात गुजारने को मजबूर हैं। किसान कानून वापस लेने की बात पर आमादा है और सरकार इसे वापस न लेने पर। इसी स्थिति को भांप कर कांग्रेस पार्टी भी इसमें कूद पड़ी है और उसने एक कदम आगे चलते हुए किसान स्वाभिमान यात्रा निकाल दी है जो आज बाराबंकी पहुंची।
बाराबंकी की हैदरगढ़ तहसील में कांग्रेस पार्टी की तरफ से निकाली गई। किसान स्वाभिमान यात्रा पहुंची जिसका स्वागत कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉक्टर पी.एल.पुनिया के बेटे और प्रदेश प्रवक्ता तनुज पुनिया ने किया। इस यात्रा को किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तरुण पटेल के नेतृत्व में निकाली गई है। इस स्वागत समारोह में कांग्रेस नेता तनुज पुनिया ने किसानों के समर्थन में कांग्रेस पार्टी के हमेशा खड़े रहने की बात दोहराई गई। किसान सुधार कानून को काला कानून बताते हुए तनुज पुनिया ने कहा कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए।
हर जनपद में जाकर किसानों को जागरूक करेंगे तरुण पटेल
तनुज पुनिया ने कहा कि तीन काले कानून आये है और जिसको लेकर किसान आंदोलनरत है। आज किसानों का धान नौ रुपए और 10 रुपए में बिक रहा है इतने में तो उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है और वह दर-दर की ठोकरें खा रहा है। किसानों के इसी दर्द को समझते हुए 31 अक्टूबर जो सरदार पटेल का जन्मदिन था के दिन से पूरे प्रदेश में किसान स्वाभिमान यात्रा निकाली जा रही है जो कल बाराबंकी पहुंची थी मगर कल प्रशासन ने इनका कोई कार्यक्रम होने नहीं दिया, आज कार्यक्रम हुआ है और अब यह रायबरेली की ओर प्रस्थान करेगी। इस यात्रा को किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तरुण पटेल फर्रुखाबाद जनपद से निकाल रहे है और हर जनपद में जाकर किसानों को जागरूक करेंगे। कांग्रेस पार्टी किसानों के दर्द के साथ है उनके आन्दोलन के साथ है और जब तक उनका आन्दोलन चलेगा तब तक साथ खड़ी रहेगी।
Published on:
09 Dec 2020 06:50 pm
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