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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहाकि, शर्मिंदा हूं, जानें क्यों ऐसा कहा

Deputy CM Brajesh Pathak डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहाकि, शर्मिंदा हूं...। अब आप सोच रहे होंगे आखिरकार ऐसा क्या है। पर जो हुआ है उससे जहां अफसरों के होशफाख्ता हो गए वहीं जनता के चेहरे खिल गए। कहानी बाराबंकी की है।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहाकि, शर्मिंदा हूं, जानें क्यों ऐसा कहा

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहाकि, शर्मिंदा हूं, जानें क्यों ऐसा कहा

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहाकि, शर्मिंदा हूं...। जिस व्यक्ति यह बात कहीं वो थे बाराबंकी जिला अस्पताल सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुुुमार सिंह। इस बात को सुनकर सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुुुमार सिंह कांप गए। और उस वक्त उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था। आप उलझन में आ गए होंगे कि मामला क्या है। तो सोमवार को यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बाराबंकी जिला अस्पताल का हालचाल लेने पहुंचे। तो जिस खिड़की पर पर्चा बनवाया जाता है वहां पर लम्बी लाइन देखकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहाकि, एक आदमी पर्चा बना रहा है। 500 लोग लाइन में लगे हैं। ये जनता क्यों खड़ी है, यह पीड़ा किसकी है। इसके बाद पूरे अस्पताल के निरीक्षण किया तो दीवालों पर जाले, कोविड हेल्प डेस्क में कबाड़, खराब आरओ प्लांट, अल्ट्रासाउंड मशीन से कर्मचारी नदारद। ये देखकर डिप्टी सीएम सीएमएस ब्रजेश कुुुमार सिंह सख्त चेतावनी देते हुए कहा, एक सप्ताह में सुधर जाएं नहीं तो खैर नहीं है।

आरओ तत्काल ठीक कराएं

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अस्पताल परिसर में लगे वाटर प्लांट पर एक टोटी खोलकर दो-तीन घूंट पानी पिया। पर आरओ नहीं चल रहा था। डिप्टी सीएम ने तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया।

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जब सीएमएस का झूठ पकड़ा गया

अल्ट्रासाउंड कक्ष में कई मरीज मिले। पर जांच नहीं हो रही थी। तो डिप्टी सीएम ने सीएमएस से सवाल किया तो उन्होंने कहाकि, कोर्ट गए हैं। तत्काल जांच पर पता चला कि, कोर्ट में तो बॉयकाट चल रहा है। यह सुनकर डिप्टी सीएम ने सीएमएस की तरफ घूरा और कहाकि, ऐसी लापरवाही नहीं चल पाएगी।

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यह ट्रामा नहीं रेफर सेंटर है सर

निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने डिप्टी सीएम से शिकायत दर्ज कराई। कहाकि, यह ट्रामा नहीं सेंटर है। पिछले साढ़े तीन महीने से हृदय रोग विभाग की ओपीडी बंद है।

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