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आज से शुरू हो रहा है ऐतिहासिक देवा मेला, इस साल यह कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र

- कार्तिक उर्स के नाम से भी जाना जाता है देवा मेला (Dewa Mela) - बाराबंकी के जिलाधिकारी की पत्नी करती हैं देवा महोत्सव (Dewa Mahotsav) का उद्घाटन - प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह (Haji Waris Ali Shah) के वालिद सैय्यद कुर्बान अली शाह (Syed Qurban Ali Shah) की याद में लगता है देवा मेला

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आज से शुरू हो रहा है ऐतिहासिक देवा मेला, इस साल यह कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र

आज से शुरू हो रहा है ऐतिहासिक देवा मेला, इस साल यह कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र

बाराबंकी. जो रब है वही राम है का संदेश देने वाले सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार (Haji Waris Ali Shah Majar) पर कौमी एकता और सद्भाव का प्रतीक ऐतिहासिक देवा मेला (Dewa Mela) का आज आगाज होने जा रहा है। बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह (DM Dr Adarsh Singh) की पत्नी शीतल वर्मा देवा के शेख मोहम्मद हसन गेट (Shekh Mohammad Hasan Gate) पर फीता काट कर औपचारिक शुभारंभ होगा। देवा मेला प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के वालिद सैय्यद कुर्बान अली शाह (Syed Qurban Ali Shah) की याद में लगता है। प्रेम-सद्भाव और धार्मिक सौहार्द का इतिहास समेटे देवा मेला 2019 (Dewa Mela 2019) पिता के प्रति सम्मान का प्रतीक है।


माता-पिता की याद में लगता है देवा मेला

करीब तीन साल की छोटी सी उम्र में ही हाजी वारिस अली शाह (Haji Waris Ali Shah) के सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। माता-पिता की याद में वारिस अली ने देवा मेला की शुरुआत की थी। 1925 में मेले की देखभाल का जिम्मा डीएम की अध्यक्षता वाली 12 सदस्यीय कमेटी के हाथ में आ गया। देवा मेला को कार्तिक उर्स के नाम से भी जाना जाता है। करीब पांच किमी क्षेत्रफल में फैला देवा मेला आज प्रदेश के बड़े मेलों में शुमार है। यहां का घोड़ा, गधा-भैंस बाजार प्रदेश भर में मशहूर है।


महिला पहलवानों की होगी कुश्ती

देवा मेला के राष्ट्रीय दंगल में इस बार दो दिन देश की महिला पहलवानों की भी कुश्ती होगी। दंगल में देश के नामी पहलवानों के साथ ही नेपाल के पहलवान भी दमखम दिखाएंगे। देवा मेला का तीन दिवसीय राष्ट्रीय दंगल इस बार 19 अक्टूबर से शुरू होगा। तीनों दिन नामी पहलवान अपने कुश्ती के दांव पेंच दिखाएंगे। वहीं 20 और 21 अक्टूबर को महिला पहलवानों का भी दंगल होगा। इस बार के दंगल में मेरठ के गुलाम वारिस, राजस्थान के राहुल पहलवान, पंजाब के बग्गा पहलवान, हरियाणा के काला चीता, दिल्ली के अशोक पहलवान, नेपाल के महावीर और बसंत थापा, हिमाचल के बादल पहलवान, अयोध्या के बाबा हरि ओम बहराइच के मुन्ना टाइगर, उत्तराखंड के शाहनूर और कलियर के गनी पहलवान की कुश्ती आकर्षण का केंद्र होंगी। महिला पहलवानों में बिहार की सोनम, गाजीपुर की राधिका, कानपुर की रेनू दिल्ली की नेहा, गाजियाबाद की ब्यूटी और पटना की सोनाली पहलवान की कुश्तियां होंगी।


महोत्सव में होंगे यह कार्यक्रम

आधिकारिक तौर पर देवा महोत्सव (Dewa Mahotsav 2019) में दस दिन तक होने वाले कार्यक्रमों में लोक गायिका मालिनी अवस्थी, गजल गायक और आईएएस अधिकारी डॉ. हरिओम (Dr Hariom), चर्चित कव्वाल साबरी बंधुल राजा रैंचों की कामेडी, कवि सम्मेलन और मुशायरे की महफिल सजेगी। महोत्सव में देश के नामचीन शायर और कवि अपनी रचनाएं पेश करेंगे। देवा महोत्सव के उद्घाटन के बाद रात आठ बजे से बिरहा गायन होगा। 16 अक्तूूबर को हाकी प्रतियोगिता, शाम को अवधी/भोजपुरी संध्या तथा रात में सूफी नाइट का आयोजन किया गया। 17 की रात में सीरतुुन्नबी का कार्यक्रम होगा। 18 को दिन में हाकी प्रतियोगिता के साथ बेबी शो, शाम को मैजिक शो तथा रात में मानस का कार्यक्रम होगा। 19 को दंगल और हाकी मुकाबला, शाम को ताल-वाद कचहरी तथा रात में म्युजिक कांफ्रेंस होगी। इसी प्रकार 20 अक्तूबर को दिन में रंगोली, चित्रकला, दंगल, हॉकी मैच तथा शाम को वंदना मिश्रा का भोजपुरी गायन और रात में साबरी बंधु कव्वाली पेश करेंगे। 21 को वाद-विवाद प्रतियोगिता, दंगल, हाकी मैच, शाम को राजा रैंचो की कामेडी नाइट और रात में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा। 22 को वालीबॉल और हॉकी मैच, रात में मालिनी अवस्थी का गायन होगा। 23 को वालीबॉल और हाकी का फाइनल, शाम को सीमा मोदी की नृत्य नाटिका और रात में ऑल इंडिया मुशायरा और 24 को सद्भावना हाकी मैच, शाम को गीतांजलि शर्मा की बृज की फूलों की होली का कार्यक्रम और रात में आतिशबाजी के साथ मेले का समापन होगा।

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