बाराबंकी. नेपाल की नदियों के पानी और लगातार बारिश के चलते घाघरा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 81 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। नदी का पानी फिर बढ़ने के पीछे तेज बारिश को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। घाघरा के बढ़ रहे जलस्तर के चलते प्रशासनिक अमला फिर से सक्रिय हो गया है। जो लोग तटबंधों से गांवों को लौटने लगे थे उन्हें फिर से तटबंध पर आने के लिए कहा जा रहा है।
इलाके में मची तबाही
घाघरा के बढ़ते-घटते जलस्तर से तराई इलाके में मची तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही। नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से बाढ़ग्रस्त इलाकों के हालात अचानक बिगड़ने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों के सामने पहले से ही दो वक्त की रोटी जुटाने का संकट था। कई जगह के लोगों का कहना है कि राहत के नाम पर जो सामग्री बांटी गई थी वह खत्म हो चुकी है। घरों में रखा अनाज भी घाघरा बहा ले गई। बाढ़ पीड़ित तमाम परिवार तो दाने-दाने के मोहताज हैं। इसके अलावा खाना पकाने के लिए लकड़ियां तक नहीं मिल पा रही हैं क्योंकि चारों तरफ पानी भरा है। इंसानों के साथ ही जानवरों के लिए चारे का भी संकट खड़ा हो रहा है।
फिर बढ़ रहा है पानी
वहीं बाढ़ की मौजूदी स्थिति पर बाराबंकी के एडीएम संदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि नदी का पानी एक बार फिर बढ़ रहा है। जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से करीब 81 सेंटीमीटर ऊपर है। एडीएम ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों में समय-समय पर राहत सामग्री का वितरण कराया जाता है। मवेशियों के लिए चारे की भी व्यवस्था कराई गई है। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद की जा रही है।