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घाघरा नदी की फिर बढ़ी रफ्तार, खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा पानी, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

बाराबंकी जिले के तराई इलाकों में घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं...

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Flood in Ghaghra river latest news update

घाघरा नदी की फिर बढ़ी रफ्तार, खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा पानी, लोगों का बढ़ी मुश्किलें

बाराबंकी. घाघरा नदी के जलस्तर में बीते कई दिनों से बढ़ऩे-घटने का सिलसिला लगातार जारी है। दो दिन नदी का पानी कम रहता है तो तीसरे दिन बढ़ जा रहा है। नदी के तांडव के चलते बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बरकरार हैं। अभी भी नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर ही बह रहा है।

नहीं कम हो रही बाढ़ पीडितों की मुश्किलें

बाराबंकी जिले के तराई इलाकों में घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। घाघरा नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से करीब 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घिरे सैंकड़ों गांवों के लोग अभी भी त्रासदी झेलने को मजबूर हैं। सिरौलीगौसपुर, रामनगर, रामसनेहीघाट और फतेहपुर तहसील के तमाम गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गांव में खेती की जमीन भी नदी में कट चुकी है और लोगों का घर अब घाघरा की धारा में समा चुका है। इसके अलावा बाढ़ क्षेत्र में अब बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। सर्दी, जुकाम, पेट दर्द, दस्त जैसे रोगों से लोग पीड़ित हो रहे हैं। वहीं बाढ़ प्रभावित लोग प्रशासन पर राहत सामग्री न पहुंचाने का भी आरोप लगा रहे हैं।

प्रशासन के रवैये से आक्रोश

घाघरा की बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों ने बचने के लिए फिलहाल तटबंधों पर शरण ले रखी है। इनमें से कई लोगों का आरोप है कि इन लोगों तक अब तक प्रशासनिक मदद नहीं पहुंची। इन लोगों के सामने भोजन और छाया का गंभीर संकट है। प्रशासन ने भी अब तक कोई खास इंतजाम नहीं किया है। बाढ़ पीड़ितों में प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ काफी आक्रोश भी है। उनका कहना है कि खराब मौसम में भी ये लोग बांध पर बिना दाना-पानी के वक्त काट रहे हैं। सबसे खराब हालत बच्चों और बुजुर्गों की है। कोई नेता और भी उनका हाल जानने नहीं आता। उनके सामने भोजन का संकट गहरा गया है। बांध पर रह रहे लोगों के लिए जमीन बिस्तर तो आसमान छत का काम कर रहा है।

हालातों पर हमारी नजर

वहीं बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि बाढ़ का पानी कल से फिर बढ़ने लगा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के उचित प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी एसडीएम को हालातों पर नजर रखने के निर्देश दे दिए गए हैं साथ ही सभी कर्मचारियों को भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कहा गया है।