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25 फरवरी से यहां बंटेगा 300 क्विंटल देसी घी, केवल इनको दिया जाएगा एकदम फ्री

- ब्लॉक कार्यलय पर पहुंचा 300 क्विंटल घी - अब राशन किट के साथ घी और मिल्क पाउडर होगा वितरित

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पांच ब्लॉकों में पहुंचा 300 क्विंटल घी, 25 फरवरी से होगा वितरित

पांच ब्लॉकों में पहुंचा 300 क्विंटल घी, 25 फरवरी से होगा वितरित

बाराबंकी. आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को देसी घी और दूध पाउडर का वितरण किया जाएगा, जिसके लिए जनपद के पांच ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना कार्यालयों पर आपूर्ति भी पहुंचा दी गई है। स्वयं सहायता समूह और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लाभार्थियों को सूखा राशन और दाल के साथ ही देसी घी और दूध पाउडर भी बांटा जाएगा। वहीं मिल्क पाउडर बाद में वितरित किया जाएगा। अगामी 25 फरवरी से लाभार्थियों को राशन किट के साथ घी का वितरण होगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार चौरसिया का कहना है कि जनपद के साढ़े तीन लाख लाभार्थियों को गेहूं, दाल और चावल ही वितरित होता आ रहा है। अब राशन किट में घी और मिल्क पाउडर को भी शामिल किया गया है। जो 25 फरवरी को वितरित होगा। इसमें जिले के पांच ब्लॉक दरियाबाद, हैदरगढ़, रामनगर, फतेहपुर व पूरेडलई शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ब्लाक कार्यलय पर लगभग 300 क्विंटल घी पहुंचा दिया गया है। मिल्क पाउडर बाद में वितरित किया जाएगा। वहीं विकास खण्ड दरियाबाद में 11631 पैकेट घी के हैं। 450 ग्राम के पैकेट 10918 हैं और 900 ग्राम के पैकेट 713 हैं। कुल मात्रा 55 क्विंटल 54 किलो 800 ग्राम घी गोदाम में रखा गया है।

लाभार्थियों को कुछ इस तरह होगा राशन वितरण

किशोरी व गर्भवती, धात्री महिलाओं को गेहूं दो किलो, चावल एक किलो, 750 ग्राम दाल, 450 ग्राम घी, मिल्क पाउडर 750 ग्राम मिलेगा। छह माह से तीन वर्ष के बच्चों को गेहूं डेढ़ किलो, चावल एक किलो, 750 ग्राम दाल, 450 ग्राम घी, मिल्क पाउडर 400 ग्राम दिया जाएगा। तीन से छह वर्ष के बच्चे गेहूं डेढ़ किलो, चावल एक किलो, मिल्क पाउडर 750 ग्राम दिया जाएगा। अतिकुपोषित बच्चों को गेहूं ढाई किलो, चावल डेढ़ किलो, 500 ग्राम दाल, 900 ग्राम घी, मिल्क पाउडर 750 ग्राम दिया जाएगा। इस समय गेहूं और चावल वितरण हो रहा है।

कलर कोड से लाभार्थियों को मिलेगी राशन किट

डीपीओ ने कहा कि शासन स्तर जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पुष्टाहार उत्पादन व वितरण का निर्णय लिया गया है, लेकिन परियोजना स्तर पर इस तरह की प्रणाली को विकसित होने तक पोषाहार के रूप में सूखा राशन (दाल, चावल, गेहूं) व दुग्ध पदार्थ (देशी घी एवं स्किम्ड मिल्क पाउडर) आंगनबाड़ी केन्द्रों से वितरित किया जायेगा। उन्होने बताया कि पूर्व की भांति ही नया सूखा राशन भी कलर कोडेड होगा। गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए पीला, छह माह से तीन वर्ष के बच्चों के लिए आसमानी नीला, तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए हल्का हरा, किशोरियों के लिए गुलाबी व अति कुपोषित बच्चों के लिए लाल रंग की पैकेजिंग में सूखे राशन का वितरण किया जायेगा।