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बाराबंकी . समाज कल्याण विभाग प्रदेश में आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित करता है, जहां गरीब बच्चे रहकर ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस विद्यालय में अमूमन उन गरीब परिवारों के बच्चे शामिल होते हैं जिनके माता-पिता निर्धन होने की वजह से अपने बच्चों की शिक्षा का भार वहन नहीं कर पाते हैं। लेकिन ऐसे निर्धन बच्चों के लिए संचालित बाराबंकी का यह विद्यालय आज लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। आलम ये हैं कि यहां के दो मासूम बच्चे विद्यालय से बाहर निकाल दिए गए हैं, क्योंकि इन्होंने अपने विद्यालय अधीक्षक को छोटे-छोटे बच्चों से खाना, झाड़ू और साफ-सफाई कराते हुए मोबाइल में कैद कर लिया था। वहीं मीडिया में मामला आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
अधीक्षक को छोटे-छोटे बच्चों से खाना, झाड़ू और साफ-सफाई कराता था काम
मामला बाराबंकी में सतरिख थाना क्षेत्र के तीर गांव में आश्रम पद्धति से संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय का है। जो कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। लेकिन विभाग द्वारा विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था, उचित देखरेख और संसाधन मुहैया कराने के दावे पूरी तरह से खोखले ही साबित हो रहे हैं। यहां विद्यालय अधीक्षक रवि मोहन त्रिपाठी का अमानवीय व्यवहार बच्चों पर इस कदर कहर बनकर टूट रहा है कि ठंड में यहां के दो मासूम बच्चे खुले आसमान में ठिठुरने को मजबूर हैं। इन बच्चों का कसूर यह है कि इन्होंने अधीक्षक की काली करतूत अपने मोबाइल में कैद कर ली। दरअसल यहां विद्यालय अधीक्षक छोटे-छोटे बच्चों से खाना, झाड़ू और साफ-सफाई कराता था। एक दिन विद्यालय की आठवीं कक्षा के बबलू रावत और नवीं कक्षा के सुरजन सिंह अधीक्षक के करतूत मोबाइल में कैद कर ली। अपनी पोल खुलने के डर से इन्होंने समाज कल्याण अधिकारी का हवाला देकर बच्चों को स्कूल से बाहर निकलवा दिया। जिसके बाद से ये दोनों बच्चे यहां ठंड में विद्यालय के बाहर ठिठुरने को मजबूर हैं। और तो अधीक्षक की इस हरकत की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी की गई, लेकिन इन उनके खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया गया। आलम ये है स्कूल के दूसरे छात्र और बाकी लोग अधीक्षक की इस हरकत के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं।
अधिकारी के निर्देश पर बच्चों को निकाला बाहर
वहीं इस मामले में जब हमने विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूबेदार राम गौतम से बात की तो उनका कहना है कि समाज कल्याण अधिकारी के निर्देश पर इन बच्चों को विद्यालय से बाहर किया गया है। वह इन्हें स्कूल के अंदर नहीं बुला सकते।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
जब ये पूरा मामला बाराबंकी के जिला अधिकारी उदय भानु त्रिपाठी के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने आनन-फानन में नायब तहसीलदार को रात के 11 बजे मौके पर भेजकर बच्चों को स्कूल के अंदर करवाया। नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह के मुताबिक पूरे मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
04 Mar 2019 01:39 pm
Published on:
04 Mar 2019 09:08 am
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