
लखनऊ. प्रदेश में पहली बार मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने सड़क पर उतरकर फिल्म पद्मावत का विरोध किया है। वहीं उन लोगों ने फिल्म के निर्देशक-निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका और कहा कि जान दे देंगे, लेकिन 25 जनवरी को फ़िल्म रिलीज़ नहीं होने देंगे।
पूरे देश में संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फ़िल्म पद्मावत का विरोध जोर शोर से हो रहा है। 25 जनवरी को इस फ़िल्म को रिलीज होना है। सुप्रीम कोर्ट से इस फ़िल्म को हरी झंडी भी मिल गयी है, फिर भी करणी सेना पूरे देश में फिल्म का विरोध कर रही है। करणी सेना ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल कर प्रदेश में फ़िल्म को बैन कराने को लेकर बात भी की है। वही अब पहली बार मुस्लिम समाज के लोगों ने भी फ़िल्म का विरोध करना शुरू कर दिया है।
मुस्लिमों ने किया विरोध-
ताजा मामला है बाराबंकी जिले का है जहां पर सैकड़ों मुस्लिम समाज के लोगों ने राजा कासिम की अगुवाई में सड़क पर उतरकर जिला अधिकारी कार्यालय के सामने फ़िल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका और विरोध प्रदर्शन किया। राजा कासिम का कहना है कि पद्मावत फ़िल्म में भारतीय सनातन धर्म की एक रानी के चरित्र पर सवाल उठाए हैं, जो कि एक शर्मनाक बात है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया है जो किसी भी भारतीय नागरिक के गले नहीं उतर रही है। आज बाराबंकी के मुसलमानों ने ये तय किया है कि किसी भी हालत में इस फ़िल्म को चलने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए हमारी जान ही क्यों न चली जाए।
अभी तक तो पूरे देश में पद्मावत का विरोध करणी सेना कर ही रही थी, लेकिन अब मुस्लिम समाज भी विरोध करने लगा है, जिसको देखते हुए अब इस फ़िल्म के रिलीज को लेकर संशय बरकार है। देखने वाली बात ये होगी कि क्या आने वाली 25 जनवरी को यह फिल्म उत्तरप्रदेश में रिलीज हो पाएगी।