
बाराबंकी. Pradhanmantri Matru Vandana Yojana: जनपद बाराबंकी में पहली बार गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उचित खानपान व पोषण के लिए तीन किश्तों में 5000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत नि:शुल्क उपचार भी किया जा रहा है। आप पहली बार गर्भवती हुई तो घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार आप के खान-पान का खुद ही ध्यान रख रही है। इसके लिए महिलाओं को तीन किश्तों पांच हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीकेएस चौहान का कहना है कि जिले में अभी तक करीब 60 हजार 540 गर्भवती महिलाओं को फायदा दिया गया। उन्होंने बताया कि गर्भवती के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए केंद्र सरकार की अति महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ जनपद की महिलाएं उठा रही हैं जनपद में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ अधिकाधिक गर्भवती को दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर से प्रयास कर रहा है। यह योजना जिले में 1 जनवरी 2017 से संचालित की जा रही है।
महिलाओं को ऐसे मिलेगा लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला कार्यक्रम अधिकारी अम्बरीश द्विवेदी ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में महिलाओं को इस लाभ से बहुत राहत मिली। बताया कि पहली बार बनी गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में मिलता है लाभ, इस योजना के अंतर्गत प्रथम बार गर्भवती होने पर महिलाओं को उनके खाते में सरकार द्वारा 5000 तीन किस्तों में भुगतान कर रही है । इस योजना के तहत पहली बार गर्भधारण करने वाली महिला को गर्भधारण के बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर प्रथम किश्त के रूपये में 1000 व दूसरी किस्त गर्भवती महिलाओं को अपनी प्रसव पूर्व जांच हो जाने पर 2000 व तीसरी किस्त प्रसव के उपरांत बच्चे को सभी टीके लग जाने के साथ ही 2000 दिए जाते हैं । इस योजना का लाभार्थी अब घर बैठे स्वयं ही सरकार की वेबसाइट (www.pmmvy-case.nic.in) पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते है। लाभार्थी को अपने आधार कार्ड को बैंक के खाते से जोड़ना चाहिए।
आशा से करें संपर्क
डीसीपीएम सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि हेल्पलाइन पर संपर्क कर योजना का लाभ पाएं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने के लिए प्रथम बार गर्भधारण करने वाली पात्र महिला लाभार्थी क्षेत्रीय आशा से संपर्क करें और योजना का लाभ उठाएं । उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भावस्था प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल व संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान तथा पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है ।
Published on:
01 Jul 2021 01:36 pm
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