पूर्व मन्त्री हाजी फरीद महफूज किदवई (Haji Fareed Mahfooz Kidwai) ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) कौन सा अच्छा प्रदर्शन कर रही है, वह 5 सीटें अगर जीतेंगे तो 25 पर हमारा नुकसान कर देंगे।
बाराबंकी. 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की वापसी का सपना संजोए बैठी सपा-बसपा और कांग्रेस को तगड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि उनके वोटों पर सबसे बड़ी सेंधमारी करने के लिए असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश आ रही है। अब इसी का डर समाजवादी पार्टी को भी सताने लगा है और वह मानती है कि ओवैशी उनको बड़ा नुकसान कर सकते हैं। यह बात सपा का कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर रहा बल्कि समाजवादी सरकार के पूर्व मंत्री खुद कह रहे हैं। पूर्व मन्त्री का कहना है कि ऐसे दल 5 सीटें जीतते हैं और 25 सीटों पर हमारा नुकसान कर सकते हैं। महाराष्ट्र, बिहार में भी इन्होंने यही किया है। जिससे यह साबित हो गया है कि ये दल भाजपा के मददगार हैं।
असदुद्दीन ओवैसी का डर
बाराबंकी मुख्यालय के समाजवादी पार्टी कार्यालय पर कद्दावर समाजवादी नेता और पूर्व मन्त्री हाजी फरीद महफूज किदवई ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) कौन सा अच्छा प्रदर्शन कर रही है, वह 5 सीटें अगर जीतेंगे तो 25 पर हमारा नुकसान कर देंगे। यही हाल उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार में भी किया। इन्होंने बिहार में जो कुछ किया उसकी चर्चा गांव-गांव है। हालांकि पूर्व मन्त्री ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि अगर ओवैसी यूपी आए तो यहां मटियामेट हो जाएंगे। पूर्व मंत्री की अपनी विधानसभा कुर्सी में दावेदारों की बाढ़ आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अच्छी सीट पर ज्यादा दावेदार होते हैं और वह 5 बार विधायक रह चुके हैं। अब उनके अंदर विधायक बनने की वह लालसा नहीं है, जितना युवाओं के अंदर है। लेकिन अगर पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है, तो उनकी भी दावेदारी है और वह सीट जीत कर देंगे।
सपा हमेशा किसानों के साथ
इस अवसर पर मौजूद समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कहा कि आज जो बजट सरकार ने पेश किया है, वह किसानों और नौजवानों के साथ छलावा है। 2022 में जब समाजवादियों की सरकार बनेगी तब किसानों और नौजवानों का हित होगा। युवाओ की बढ़ती भागीदारी से यह निश्चित हो गया है कि 2022 में समाजवादी सरकार आ रही है और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। एक साल के अंदर चुनाव भी होना है और परिणाम भी आने है। चुनाव की तैयारी तो अलग बात है, लेकिन अखिलेश यादव ने निर्देश दे दिया है कि पूरी पार्टी किसानों के साथ खड़ी रहे और देर हो सकती है लेकिन अन्ततः जीत किसानों की होगी।