
इसी को देखते हुए बाराबंकी पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर जाने वाले सभी लोगों से पूछताछ की। जिससे कोई भी विपरीत स्थिति बनने से पहले शिक्षामित्रों को लखनऊ की तरफ जाने से रोका जा सके।

दरअसल इन सभी शिक्षामित्रों का आरोप है कि उनका समायोजन रद्द होने के बाद 500 से ज्यादा शिक्षामित्र आत्महत्या कर चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है।

इन सभी शिक्षामित्रों की मांग है कि समान काम और सामन वेतन का फैसला सरकार उनपर लागू करे साथ ही उन्हें 38000 रुपए हर महीने वेतन दिया जाए।

इस आंदोलन के लिए सभी शिक्षामित्र संगठन एक बैनर के नीचे आ गए हैं, जिसको देखते हुए पुलिस भी अलर्ट हो गई है।

सरकार के खिलाफ आज सड़क पर उतरेंगे शिक्षामित्र, करेंगे सत्याग्रह आंदोलन, पुलिस अलर्ट