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बाराबंकी

विकराल हो रही घाघरा से तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में दहशत, आलाधिकारियों की भी उड़ी नींद

खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा नदी का पानी।  

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बाराबंकी. जिले में घाघरा दिन पर दिन विकराल होती जा रही है। नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से बढ़कर 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। तहसील रामनगर, फतेहपुर, सिरौली गौसपुर और रामसनेहीघाट के तटीय क्षेत्रों में बसे गांवों में पानी घुसते ही वहां बने आशियानों पर कटकर बहने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं नदी का पानी क्षेत्र के खेतों को भी अपनी आगोश में ले रहा है। उधर, पहाड़ों पर हो रही जबरदस्त बारिश तटीय क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। इसके अलावा बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के चलते भी नदी के आसपास के बाशिंदों को आगे भी राहत मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से न सिर्फ तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप मचा हुआ है बल्कि जिले के आलाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी नींद उड़ी है। हर दिन जिले के अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में बाराबंकी के जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी, एडीएम संदीप कुमार गुप्ता और एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी मौके का मुआयना करने पहुंचे। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने बताया कि नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से बढ़कर 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। डीएम ने बताया कि फिलहाल अभी खतरे की कोई बात नहीं है और सारे गांव सुरक्षित हैं। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जैसे ही कोई खतरे की बात होगी, ग्रामीणों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा।