26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी के इस जिले में महिला टीचरों को चाहिये 3 दिन की पीरियड लीव, योगी सरकार से लगाई ये गुहार

उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी में बेसिक शिक्षा विभाग की महिला शिक्षकों ने योगी आदित्यनाथ सरकार से माहवारी के दौरान तीन दिन की पीरियड लीव की मांग की है।

2 min read
Google source verification
यूपी के इस जिले में महिला टीचरों को चाहिये 3 दिन की पीरियड लीव, योगी सरकार से लगाई ये गुहार

यूपी के इस जिले में महिला टीचरों को चाहिये 3 दिन की पीरियड लीव, योगी सरकार से लगाई ये गुहार

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी में बेसिक शिक्षा विभाग की महिला शिक्षकों ने योगी आदित्यनाथ सरकार से माहवारी के दौरान तीन दिन की पीरियड लीव की मांग की है। महिला शिक्षकों ने अपनी इसे लेकर जिले के सभी विधायकों से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और अपनी मांग को सीएम योगी आदित्यनाथ से पूरी कराने की अपील की। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ से जुड़ी इन महिला शिक्षिकों ने बीजेपी और सपा सभी पार्टियों के विधायकों से मिलकर कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं और नारी सशक्तिकरण को देखते हुए उनकी ये मांग संवैधानिक है। महिला शिक्षकों ने संविधान की धारा 15 और 42 का भी हवाला दिया। जिसके अंतर्गत महिलाओं और लड़कियों के कल्याण के लिए यह विशेष उपबन्ध किया जा सकता है।

महिला शिक्षकों ने मांगी तीन दिन की पीरियड लीव

उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अलका गौतम का कहना है कि उनकी अगुवाई में महिला शिक्षिकों ने सरकारी सेवा में लगी सभी महिला शिक्षकों और महिला कर्मचारियों को तीन दिन की पीरियड लीव दिए जाने की मांग की है। इन शिक्षिकाओं का कहना है कि तीन दिन का विशेष अवकाश दिया जाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि इस कठिन समय मे महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति बाकी सामान्य दिनों की तुलना में अलग और तकलीफों से भरी होती है। इस समय कमजोरी और पेट में दर्द भी बना रहता है। ऐसे में महिला शिक्षक अपने काम में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाती।

महिला शिक्षकों ने कही ये बात

महिला शिक्षकों का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह भी है यही कि महिलाओं को इन दिनों भागदौड़ से बचना चाहिए। क्योंकि अगर सावधानी नहीं बरती जाएगी तो यूट्रस में होने वाली गंभीर बीमारियों के चलते उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा। जिसका असर उनके गर्भ पर भी पड़ सकता है। महिला शिक्षकों का कहना है कि तीन दिन का पीरियड लीव देने का आदेश भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 और 42 के अंतर्गत प्रदान किया जाए, जिससे कि महिला शिक्षकों की शारीरिक और मानसिक स्थिति जैसे पेट दर्द, जलन जैसी दिक्कतों का डॉक्टर से मिलकर इलाज कराया जा सके। इन महिला शिक्षकों का कहना है कि साल 1992 से बिहार राज्य में तीन दिन के पीरियड लीव का प्रावधान लागू है। प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं और लड़कियों के लिए मिशन शक्ति और जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ चलाकर महिलाओं को सशक्त बना रही है। ऐसे में महिलाओं की इस जरूरी और प्राकृतिक समस्या पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और सरकारी सेवारत महिला शिक्षकों और महिला कर्मचारियों की इस मांग पर भी गौर किया जाए।

विधायकों से उठाई मांग

महिला शिक्षकों ने जिन-जिन से मुलाकात की उनमें हैदरगढ़ से भाजपा विधायक बैजनाथ रावत, दरियाबाद से भाजपा विधायक सतीश शर्मा, रामनगर से भाजपा विधायक शरद अवस्थी, सदर से सपा विधायक धर्मराज यादव समेत बाकी अन्य विधायक भी शामिल हैं। महिला शिक्षतों ने इन सभी विधायकों को सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।