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Barabanki News: आम का लगा मेला, वैराइटी देख नहीं कर पाएंगे यकीन, जानें खासियत

Barabanki: ‘मल्लिका’ और ‘केसर’ आम की वैराइटी जिसका स्वाद और खुशबू दोनों ही लाजवाब है। बनारस का प्रसिद्ध ‘बनारसी लंगड़ा’, ‘नीलम’ और ‘हुस्नआरा’ जिसकी खूबसूरती लोग देखते ही रह जाएं। ‘गुलाबखास’ और ‘याकूति’ तो मानो सबको ललचा रही हो। बाराबंकी में ऐसा आम का मेला लगा है जिसका नजारा मन मोह लेने वाला है। यहां स्वाद और रंगत की ऐसी प्रदर्शनी लगी की सब देखते ही रह गए।

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mango exhibition in Barabanki

हर साल लगता है मेला
बाराबंकी के मुगल दरबार में राजीव चौधरी पर्यावरण संरक्षण समिति ने आम का मेला लगाया। यह इनकी 12वीं आम प्रदर्शनी है। इसमें प्रदेश भर में पैदा हुए आमों की लगभग 150 प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाई गई । यह प्रदर्शनी 12 साल से लगातार लगाई जा रही है। जिसमें अलग-अलग राज्यों और यूपी के कई जिलों से आए लोगों ने लगभग 188 स्टॉल लगाए।


इन आमों की प्रदर्शनी
आमों की प्रदर्शनी में मुख्य रूप से याकूती, आम्रपाली दशहरी, गुलाबखास, आम्रपाली, दशहरी, बनारसी लंगड़ा, चौसा, फजली, बंबई ग्रीन, बंबई, अलफांजो, बैंगन पल्ली, हिम सागर, केशर, किशन भोग, मलगोवा, नीलम, सुर्वन रेखा, वनराज, जरदालू, दशहरी, मल्लिका, आम्रपाली, रत्ना, अर्का अरुण, अर्मा पुनीत, अर्का अनमोल, गौरजीत, बांबेग्रीन, सफेदा, सुरखा और कपूरी शामिल रहे। ये सभी प्रजातियां लोगो क्वे आकर्षण का मुख्य विषय बनी रही।


जो वैराइटी यहां मिलेंगी वो कहीं और नहीं मिलेंगी
यहां लोगों ने बताया कि बाराबंकी में आमों की किस्में ज्यादा हैं, हम लोग लखनऊ के मलिहाबाद के आमों को भी टक्कर दे रहे हैं। असली आम तो वो बाराबंकी में ही मिलेगा। आम की जो वैराइटी यहां मिलेंगी वो कहीं और नहीं मिलेंगी। लोगों ने बताया कि अभी तक यहां के आमों को अब खाड़ी देशों के साथ विदेशों तक भेजा जा रहा हैं। जिससे बागवानों और व्यापारियों को अच्छा मुनाफा हो रहा है।