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20 हजार के लालच में पहुंच गया जेल

साइबर अपराध के मास्टर माइंड ने इसके बैंक खाते का उपयोग किया और काम निकलने के बाद फ्री छोड़ दिया। इससे गिरफ्तार युवक साइबर अपराध में उसके बैंक खाते का उपयोग किए जाने से बेखबर रहा

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बारां

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Mukesh Gaur

Oct 11, 2025

Cooperative bank officials in MP face three years of rigorous imprisonment

जेल की प्रतीकात्मक फोटो


-महिला डॉक्टर से 11 लाख ठगी का मामला

बारां. यहां की एक महिला चिकित्सक से टास्क बेस्ड काम देने व इंवेस्टमेंन्ट का झांसा देकर 11 लाख 12 हजार 040 रुपए की ऑनलाईन ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी को 20 हजार रुपए के लालच में जेल की हवा खानी पड़ गई। साइबर अपराध के मास्टर माइंड ने इसके बैंक खाते का उपयोग किया और काम निकलने के बाद फ्री छोड़ दिया। इससे गिरफ्तार युवक साइबर अपराध में उसके बैंक खाते का उपयोग किए जाने से बेखबर रहा, दूसरी ओर बारां साइबर थाने की टीम पहले से अधिक सक्रियता से मामले को फोलो करती रही। इससे मुकदमा दर्ज होने के सात दिन में ही आरोपी विक्रम मीणा (26) निवासी माण्डेता थाना जीणमाता जिला सीकर को सीकर से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिल गई। फिलहाल आरोपी जेल में है। लेकिन इतना तय हो गया कि लोगों को बैंक खाते के उपयोग को लेकर भी सजग और जागरूक रहना चाहिए।

काम आई तत्परता

वैसे 11 लाख रुपए ठगी की बड़ी ओर सनसनीखेज वारदात थी। साइबर थाने के एक्सपटर्स ने मामला सामने आते ही इसे हाथों हाथ लिया। इसके साथ ही पीडि़त पक्ष की ओर से भी संयम के साथ पुलिस पर भरोसा रखते हुए काफी सक्रियता दिखाई। इससे टीम का भी उत्साह बना रहा। टीम ने खाते से रुपए निकलवाने वाले को पहला संदिग्ध मानते हुए उसका पीछा किया तो यह पहली कढ़ी हाथ लग गई। आरोपी ने पुलिस को वारदात को लेकर कई सूचनाएं दी है। फिलहाल इसकी तस्दीक की जाएगी।

फंस गया या फंसा दिया

सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी विक्रम मीणा (26) ने अनुसंधान के दौरान पुलिस को जानकारी दी कि उसे करीब 20 हजार की आवश्यकता थी। उसने साथियों से इस बारे में बात की तो एक परिचित साथी ने कहा वह उसके खाते में रुपए जमा करा देगा। तू निकालकर 20 रख लेना शेष वापस दे देना। यही हुआ, शातिर ने उसके खाते में चिकित्सक से ठगी के रुपए डलवा दिए और उसी से चेक के माध्यम से निकलवा लिए। विक्रम के खाते में 20 हजार छोड़ दिए। संभवतया विक्रम उस परिचित के कारनामे से अनजान हो या कहानी बता रहा है। यह भी गिरोह का सदस्य हो या बैंक खाता 20 हजार में उपयोग के लिए किराए पर दिया हो। इस तरह के सवालों का जवाब अन्य आरोपियों से मिलेगा। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ के बाद इसकी तस्दीक होगी।