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8 माह का इंतजार और 36 मिनट की तकरार

आठ माह बाद हुई नवगठित बोर्ड की बैठक : हंगामे के बीच 1.5 अरब का बजट अनुमोदित

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बारां

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Mukesh Gaur

Aug 17, 2021

8 माह का इंतजार और 36 मिनट की तकरार

8 माह का इंतजार और 36 मिनट की तकरार

बारां. नगरपरिषद में नवगठित कांग्रेस बोर्ड की पहली बैठक हंगामेदार रही। नवनिर्वाचित पाषदों का माल्यार्पण कर स्वागत करने के बाद मात्र बीस मिनट ही बैठक हुई। शहर के लोगों की समस्याओं व नवगठित बोर्ड की आगामी योजनाओं के बारे में तो बात भी शुरू नहीं हुई कि प्रतिपक्ष के नेता पार्षद दिलीप शाक्यवाल ने ऐजेण्डा में शामिल तीसरे विषय जोनल डवलपमेंट प्लान का अनुमोदन पर विचार प्रकट करते हुए आपत्ति जताना शुरू कर दिया। उनके साथ ही युवा महिला पार्षद तरूणा सुमन व अन्य पार्षद खड़े हो गए। विपक्ष के तेवर देखते हुए बजट का अनुमोदन कराया गया।
सत्ता पक्ष के पार्षदों ने हाथ खड़े कर बजट सहमति देते हुए वर्ष 2021-22 के लिए एक अरब 52 करोड़ 17 लाख 20 हजार रुपए का बजट अनुमोदित किया। इसका विरोध जताते हुए भाजपा पार्षदों ने टेबल कुर्सियां पलटना शुरू कर दिया। शोर शराबा के बीच ही सभापति ज्योति पारस ने सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। पहली बैठक कुल 36 मिनट ही चल सकी।
पांच मिनट ही चर्चा
बैठक निर्धारित समय दोपहर तीन बजे के स्थान पर तीन बजकर सात मिनट पर शुरू हुई तथा 3.43 बजे सभापति ने सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। करीब 36 मिनट चले सदन में करीब 18 मिनट नेता प्रतिपक्ष व नव निर्वाचित पार्षदों का स्वागत करने में निकल गए। शेष समय में सभापति ज्योति पारस व आयुक्त मनोज मीणा का स्वागत भाषण हुआ तथा उप सभापति नरेश गोयल ने बजट प्रस्तुुत किया। बैठक का तीन सूत्रीय एजेण्डा पढ़कर सुनाया। इसके बाद बैठक के एजेण्डा पर तो मात्र पांच मिनट ही चर्चा हुई। सभापति, उपसभापति बैठक समाप्ति की घोषण कर कुर्सियां छोड़ सदन से बाहर निकलने के लिए बढ़ गए। प्रतिपक्ष के नेता शाक्यवाल बोलते रह गए।
मात्र तीन विषयों पर होनी थी चर्चा
बैठक के एजेण्डा में तीन विषय ही रखे गए थे। उपसभापति नरेश गोयल ने बैठक एजेण्डा के पहले विषय वित्तीय वर्ष 2021-22 बजट पर विचार पर बोलते हुए वर्ष 2021-22 के लिए अनुमानित आय एक अरब 52 करोड़, 17 लाख 20 हजार रुपए का बजट प्रस्ताव तथा एक अरब 69 करोड़ 97 लाख 20 हजार का अनुमानित व्यय प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद दूसरे विषय वर्तमान बोर्ड गठन से अब तक हुए निर्माण व विकाय कार्यो पर विचार के तहत कार्यो का विवरण प्रस्तुत किया तथा तीसरा विषय जोनल डवलपमेंट प्लान के अनुमोदन पर विचार के लिए रखा। सत्ता पक्ष के कांग्रेस पार्षदों ने हाथ खड़े कर बजट प्रस्ताव पारित किया तथा सभापति पारस ने सर्वसम्मति से बजट पारित किए जाने की घोषणा की।
जोनल डवलपमेंट प्लान पर बिगड़ी बात
बैठक एजेण्डा पर विचार प्रकट करते हुए नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने शहर में हुए निर्माण व विकाय कार्यो पर सवाल उठाया तो उप सभापति ने कहा आपत्ति पेश करो, जांच करा लेंगे। शाक्यवाल ने जोनल डवलपमेंट प्लान के बारे में पार्षदों को पहले से अवगत नहीं कराने का आरोप लगाया। अन्यों मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। इसी से शोर शराबा शुरू हो गया। परिषद के सीनियर ड्राफ्टमैन सुरेश चौधरी ने सदन को बताया कि कि राज्य सरकार के एक लाख से अधिक आबादी वाले शहर अथवा जिन निकायों में पहले मास्टर प्लान लागू है, वहां के लिए जोनल डवलपमेंट प्लान तैयार करने के आदेश हैं। इसके तहत शहर को पांच जोन में बांटकर प्लान तैयार कर उस पर लोगों से आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों की सुनवाई के बाद स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। बैठक में कांग्रेस, भाजपा के अलावा निर्दलीय व एसडीपीआई के पार्षद समेत नगरपरिषद के अधिकारी मौजूद थे।