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आदर्श ग्राम पंचायत योजना ,चयनित पंचायतों के विकास का खाका ही अस्तित्व में नहीं आया

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आदर्श ग्राम पंचायत योजना ,चयनित पंचायतों के विकास का खाका ही अस्तित्व में नहीं आया

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बारां. मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना के तहत प्रथम चरण में पिछले वर्षों चयनित ग्राम पंचायतों की सूरत तो सुधरी नहीं, अब द्वितीय चरण में तो हाल यह है कि पंचायतों के चयन के बावजूद अब तक इनके योजनाबद्ध विकास को लेकर खाका ही अस्तित्व में नहीं आया है। वर्ष २०१५-१६ में जिन चार पंचायतों का चयन किया गया था, उनमें चारों विधायकों ने ३० लाख रुपए अपने कोष से मंजूर किए थे, द्वितीय चरण में फिर चार पंचायतों का विधायकों ने चयन कर लिया, लेकिन सरकारी स्तर पर प्रक्रिया इतनी धीमी है कि इन पंचायतों के ग्राम विकास योजना (वीडीपी) ही अब तक अस्तित्व में नहीं है। अब जबकि विधानसभा चुनावों में ही चार महीने रह गए, तो कोई इस ओर ध्यान दे भी नहीं रहा।
इन पंचायतों का चयन
वित्तीय वर्ष २०१५-१६ में अटरू विधानसभा क्षेत्र में टोढी, किशनगंज में कांकड़दा, छबड़ा में कचरानियाकलां व अन्ता में खजूरनाकलां ग्राम पंचायत का विधायकों ने चयन किया था। उसके बाद अब द्वितीय चरण में वित्तीय वर्ष २०१७-१८ में अटरू में अटरू, किशनगंज में ढिकवानी, छबड़ा में पचपाड़ा व अन्ता में सीसवाली ग्राम पंचायत का चयन किया गया।
यह होना है पंचायतों में
आदर्श ग्राम पंचायत योजना के तहत विधायकों द्वारा गोद ली गई एक-एक ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पंचायतों को आदर्श के सांचे में ढाला जाना है। विभिन्न सरकारी विभागों को उनकी स्कीमों में इन पंचायतों में प्राथमिकता से काम स्वीकृत करने हैं। बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के अलावा सार्वजनिक सेवाओं में सुधार समेत कई कार्य होने हैं। चूंकि स्वयं विधायकों द्वारा इन पंचायतों का चयन किया गया है, ऐसे में विधायकों को भी अपने कोष से काम कराने की अपेक्षा है लेकिन २०१५-१६ की चयनित पंचायतों में ही विधायकों ने जेब ज्यादा ढीली नहीं की। द्वितीय चरण की पंचायतों में तो योजना अभी जहां की तहां ही अटकी हुई है।
हिचकोले खाते बढ़े कदम
सरकार की ओर से सबसे वर्ष २०१५-१६ में इस योजना को लागू किया गया था। प्रथम चरण में चार पंचायतों का चयन हुआ। उसके बाद अगले वित्तीय वर्ष २०१६- १७ में सरकार की ओर से ही शिथिलता देने से पंचायतों का चयन नहीं हुआ। फिर इसके बाद २०१७-१८ में चार पंचायतों का चयन किया गया। अभी २०१८-१९ वित्तीय वर्ष चल रहा है, एवं चुनाव भी चार महीने बाद होने हैं, लेकिन चयनित पंचायतों में विकास की योजना की क्रियान्विति शुरू नहीं हुई है। २०१५-१६ की चयनित चार पंचायतों में चारों विधायकों की ओर से ३० लाख राशि के १२ काम मंजूर किए गए थे। इनमें भी पूरी राशि खर्च नहीं हो पाई थी। कुछ अन्य काम दूसरी स्कीमों में हुए। (पत्रिका संवाददाता)