
Admission case in Baran College
राकेश गुप्ता
बारां. सीनियर सैकण्डरी में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बावजूद सामान्य वर्ग के सैकड़ों विद्यार्थी जिले के सबसे बड़े व जिला मुख्यालय स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की दहलीज पर कदम भी नहीं रख पाएंगे। बारां कॉलेज में 85 फीसदी से कम अंक पाने वाले कई छात्रों तक को कॉलेज में दाखिला मिलना मुश्किल हो रहा है। दाखिले के लिए पिछले दिनों कॉलेज में उपलब्ध सीटों से तिगुने आवेदन किए गए थे। हाल ही जारी अन्तरिम प्रवेश सूची में अच्छे अंकों से प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण आवेदक छात्र भी 'प्रतीक्षाÓ सूची में पहुंच गए हैं। आयुक्तालय की प्रवेश नीति के चलते इस बार आरक्षित सीटों के बाद शेष बची सीटों में से भी तीन चौथाई से अधिक सीटों पर सहरिया अभ्यर्थियों को मौका मिलने से अधिक अंक वाले सामान्य वर्ग के सैकड़ों आवेदक फिलहाल वंचित रह गए हैं। अब ऐसे आवेदकों की आस किस्मत से प्रतीक्षा सूची में उनका नाम आने पर टिकी हुई है। दस्तावेज सत्यापन व शुल्क जमा कराने की शनिवार को अंतिम तिथि है। इसके बाद कई सीटें रिक्त रहने व पूर्व में मेरिट जनरेट के अलावा छोड़ी गई सीटों में से कुछ पर ऐसे आवेदकों को मौका मिलने की उम्मीद है, लेकिन ज्यादा आवेदकों को राहत नहीं मिलने वाली। सीटों के आरक्षण की गणित ने कई आवेदकों के सपनों की गणित बिगाड़ दी है। अब छात्र संगठन सीटें बढ़ाने को मुखर हंै।
आवेदन व मेरिट सूची की स्थिति
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए भाग-प्रथम की 800 सीटों के लिए कुल 2487 आए थे। अन्तरिम प्रवेश सूची में कुल 800 सीटों में से जनरल मेरिट की 400 सीटों में से 371, ओबीसी मेरिट में 168 में से 153, एससी मेरिट में 128 में से 117, एसटी मेरिट में 96 में से 88 सीटों, एमबीसी मेरिट में 8 में से 8 सीटों पर आयुक्तालय से मेरिट जनरेट की गई। इस तरह कुल 800 में से 737 सीटों पर आयुक्तालय ने मेरिट जनरेट की। शेष 67 सीटों पर अन्तरिम प्रवेश सूची के साथ जारी प्रतीक्षा सूची में से सम्बंधित केटेगरी अनुसार प्रवेश दिया जाएगा।
ऐसे करनी पड़ेगी प्रतीक्षा
बीए भाग-प्रथम में कुल 800 सीटों में से 400 सीटें विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित है। इसके बाद शेष बची 400 सीटों में अभी 371 सीटों पर मेरिट जनरेट की गई है। इन 371 सीटों में आउट राइट श्रेणी में शामिल सहरिया अभ्यर्थियों के लिए 329 सीटें मिली है। दिव्यांगों के लिए 7 सीटें है। शेष 35 में सामान्य मेरिट के अनुसार सभी वर्गों के उच्च अंक प्राप्त आवेदक छात्र शामिल हैं। इसमें सामान्य वर्ग के भी केवल करीब 10 छात्रों को ही अभी मौका मिला है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रवेश नीति जो भी है, आरक्षण की जो भी व्यवस्था है, वह अपनी जगह हो सकती है, लेकिन उच्चतम अंक प्राप्त करने के बावजूद कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल रहा, तो सरकार को ऐसे आवेदक छात्रों के लिए सीटें बढ़ानी चाहिए।
अब ऐसे है आस
कुल 800 सीटों में से आयुक्तालय की ओर से अभी 737 सीटों के अनुसार सूची जारी हुई है। 67 सीटों पर प्रतीक्षा सूची में से सम्बंधित केटेगरी अनुसार प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा दस्तावेज सत्यापन नहीं कराने या शुल्क जमा नहीं कराने पर भी कुछ आवेदकों को प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है। ऐसे में प्रतीक्षा सूची के कई छात्र यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें भी मौका मिल सकता है। हालांकि शेष सीटों की संख्या कम होने से प्रतीक्षा सूची के भी अधिकांश आवेदकों को राहत नहीं मिलने वाली।
आज अंतिम दिन
अन्तरिम सूची में जिन आवेदकों को मौका मिला है, उन्हें कॉलेज में दस्तावेजों की जांच कराने का शुक्रवार को अंतिम दिन था। अब इसे एक दिन बढ़ाकर शनिवार कर दिया है। शुक्रवार तक अन्तरिम सूची के 737 में से 577 छात्रों ने व प्रतीक्षा सूची के करीब 800 में से 418 ने ही दस्तावेजों का सत्यापन कराया। शनिवार तक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराने व शुल्क जमा नहीं कराने पर छात्रों को प्रवेश से वंचित रहना पड़ेगा।
वर्जन
मूल दस्तावेजों का सत्यापन अब शनिवार शाम पांच बजे तक कराया जा सकता है। शुल्क जमा की अंतिम तिथि भी शनिवार ही है। शुक्रवार तक कई छात्रों ने दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराया है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह, प्रवेश नोडल अधिकारी
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बारां
Published on:
07 Jul 2018 12:33 pm
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