
#beware in monsoon : सावधान! फन उठाने लगे हैं विषधर
हकीम पठान
बारां. बारिश से यहां-वहां जल भराव होने लगा तो बिलों में दुबके रहने वाले जीव जन्तु भी बाहर निकल रहे हैं। कुछ तो खेत खलिहानों में ओर कुछ आबादी क्षेत्र में पहुंचकर आमजन के लिए खतरा साबित हो रहे है। जिले में आए दिन सर्पदंश के मामले सामने आने लगे है। पिछले दस दिनों के दौरान ही जिले में करीब एक दर्जन लोग सर्पदंश के शिकार हो चुके है। इनमें से एक महिला की तो मृत्यु तक हो गई। यों तो प्रति वर्ष इस तरह के मामले आने से लोग इलाज पर भरोसा जताने लगे है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी जागरूकता की कमी है। यहां झाड़-फूंक और टोने-टोटके जान पर भारी पड़ रहे हैं। पिछले सप्ताह 26 जून को निकटवर्ती कलमंडा गांव में रामी बाई उर्फ रामनाथी मेघवाल (55) को खेत पर काम करते सर्प दंश से मृत्यु हो गई। रामी बाई के पुत्र अशोक का कहना है कि उसकी मां को शाम करी साढ़े 5-6 बजे काले सांप ने काट लिया था। यह बात उसकी मां ने बताई थी। इसके बाद गांव में देवता के चबूतरे पर धोक व पूजा के लिए कुछ देर रुके ओर सीधे जिला अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मां नहीं बची।
खतरा महसूस हुआ तो फिर नहीं छोड़ेगा
चिकित्सकों के अनुसार बारां समेत हाड़ौती क्षेत्र में सांपों की तीन तरह की प्रजातियां पाई जाती है। इनके काटने पर मरीज को समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत हो सकती है। इनमें से सबसे खतरनाक कोबरा सांप है। इसे नाग भी कहते है। खतरा महसूस होने पर यह फन उठाता है और फुफकारता हैं। इसके काटने से सांसों पर बन आती है। केलवाड़ा क्षेत्र के गोरधनपुरा गांव में 24 जून को रात में घर पर सोते समय युवक नीरज सहरिया (18) को सर्प ने काट लिया था। इसके बाद सावधानी बरतते हुए परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो उसकी जान बच गई।
सावधानी बरतने पर विषैले सांपों से जान बचाना संभव
बारिश के इन दिनों में बिलों में पानी भर जाता है तो सर्प आदि बाहर आ जाते है। काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। नीम हकीम आदि के चक्कर में नहीं रहना चाहिए। खेत खलिहान में जाते समय सावधानी बरते। इन दिनों जहरीले और पानी वाले (बिना जहर वाले) दोनों तरह के सांप पाए जाते है। वैसे हाड़ौती क्षेत्र में कोबरा ही अधिक पाया जाता है। इसके लक्षण एक घंटे के दौरान आ जाते है। कोबरा का जहर नर्वस सिस्टम पर अटैक करता है। इससे नींद ही नींद आती है। सांस लेने में तकलीफ आती है ओर इलाज में देरी होने से कुछ ही घंटों में मौत भी हो जाती है। उपचार के लिए सर्पदंश के मामले में एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन कारगर होता है। काले सांप के काटने पर भी खतरा रहात है, लेकिन समय पर इलाज मिले तो शत-प्रतिशत जान बच जाती है। इन दिनों सर्पदंश के मामले सामने आ रहे है। एक की मृत्यु हुई थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी जान जा चुकी थी।
डॉ. हंसराज सुमन, वरिष्ठ फिजीशियन, बारां जिला अस्पताल
Published on:
03 Jul 2023 09:20 pm
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