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टंकियां बनाई, अब तक काम नहीं आई, पाइपलाइनें भी नहीं जुड़ पाई

अमृत पेयजल योजना की कछुआचाल: शहरी क्षेत्र के ग्रामीणों को नहीं मिल रहा मीठा पानी
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 19 Aug 2023, 11:31 PM IST

टंकियां बनाई, अब तक काम नहीं आई, पाइपलाइनें भी नहीं जुड़ पाई

टंकियां बनाई, अब तक काम नहीं आई, पाइपलाइनें भी नहीं जुड़ पाई

बारां. शहर के आसपास के 11 गांवों को नगरपरिषद के शहरी क्षेत्र में शामिल हुए अरसा बीतने के बाद भी शहरी आबादी क्षेत्र की तरह सुविधाएं नहीं मिल रही है। बिजली, पेयजल आपूर्ति समेत विभिन्न तरह की सुविधाओं का विस्तार नहीं होने से ग्रामीण लोगों को खासी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग की ओर से भी नगरपरिषद के सीमा क्षेत्र में शामिल गांवों में मीठे पानी की आपूर्ति की जानी थी, लेकिन ग्रामीणों को ट््यूबवैल ओर हैंडपम्प से ही प्यास बुझानी पड़ रही है। हालांकि मीठे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमृत योजना के तहत टंकियों का निर्माण कराया गया है, लेकिन वे शोपीस ही बनी हुई है।

ऐसे कैसे मिलेगा पानी

सूत्रों का कहना है कि जनलदा विभाग की ओर से शहर नगरपरिषद सीमा क्षेत्र के आमापुरा, गजनपुरा, तलावड़ा, लक्ष्मीपुरा, नियाना, मेलखेड़ी व गोपालपुरा आदि गांवों में टंकियों का निर्माण कराया गया है। टंकियों का निर्माण होने के बाद उनमें पानी का भरा भी किया जा रहा है। लाइनों का मिलान कर दिया गया है, लेकिन घरों के कनेक्शन नहीं किए जा रहे है। कनेक्शन नहीं होने से घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसे लेकर जलदाय विभाग के सूत्रों का कहना है कि ग्रामीणों के पास आवासीय स्वामित्व के पट्टे व अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इससे कनेक्शन जारी करने में दिक्कत हो रही है। अब कनेक्शन जारी नहीं होंगे तो मीठा पानी भी कैसे होगा।

केवल गजनपुरा पहुंचा पानी

सूत्रों का कहना कि नगरपरिषद सीमा में शामिल एक मात्र गजनपुरा गांव में ही कनेक्शन किए जा रहे हैं। इससे अमृत पेयजल योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बनाई गई 7 टंकियों में से एक मात्र गजनपुरा गांव की टंकी से ही घरों तक पानी पहुंच रहा है। गांव में अधिकांश घरों में कनेक्शन भी हो गए है। इस टंकी से कोटा रोड पर मिनी सचिवालय, जिला कलेक्ट्रेट के आसपास नागेश्वर कॉलोनी, जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के आसपास तक का क्षेत्र जुड़ा हुआ है। इससे अधिकांश के पास स्वामित्व का लिखित अधिकृत प्रमाणित दस्तावेज है। वैसे आमापुरा की टंकी से भी झालावाड़ रोड तेलफैक्ट्री क्षेत्र का काफी इलाका जुड़ा हुआ है और उनके पास मकान स्वामितव के दस्तावेज भी हैं, लेकिन फिर भी इस क्षेत्र में कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं।

- ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल कनेक्शन के लिए लोगों के पास मकान स्वामित्व संबंधी पट्टा आदि नहीं होने से दिक्कत आ रही थी, अब उन्हें बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड तथा एक स्टाम्प पर शपथ-पत्र लेकर कनेक्शन जारी करने की व्यवस्था की है। लोगों को फाइल लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- प्रमोद झालानी, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग