सोलर परियोजनाओं ने बिगाड़ा गणित
अन्ता परियोजना लम्बे समय से सांय 4 से रात्रि 10 बजे या दोपहर 2.30 से रात्रि 8 बजे तक संचालित हो रही है। प्लांट को पूरी क्षमता पर चलाने के लिए प्रतिदिन दो मिलियन गैस की जरूरत है। लेकिन अनुदानित गैस की वर्तमान उपलब्धता से प्लांट दो घंटे भी नहीं चलाया जा सकता। हालांकि अब एक उपक्रम से थोड़ी सस्ती गैस मिलनी शुरू हुई है, लेकिन वह भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। दूसरी ओर राजस्थान सरकार ने कई जगह सोलर एवं पवन परियोजनाएं स्थापित कर दी। इनसे उत्पादित विद्युत काफी सस्ता पडऩे से सरकार मंहगी बिजली लेने से मुंह मोड़ रही है। रात्रि में सोलर प्लांट बिजली नहीं बना सकते इसलिए अन्ता परियोजना को कुछ समय के लिए ही आपूर्ति आदेश मिलता है। दूसरी ओर सौर उर्जा संचालित संयत्र इन दिनों एनटीपीसी अन्ता में भी निर्माणाधीन है।