वैसे पूर्व में जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से फायर सेफ्टी सिस्टम लगे होन के आधार पर एनओसी लेने के लिए अग्निशमन केन्द्र को आवेदन किया था, लेकिन सिस्टम अव्यवस्थित होने के कारण अब तक एनओसी नहीं दी गई। इसके बाद भी सिस्टम को दूरुस्त करने ओर आवश्यक कमी पूर्ति करने को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। फायर अलार्म, स्मॉक डिटेक्टर, पानी के स्त्रोत, अग्निशामक आदि की नियमित रूप से जांच कराई जाना आवश्यक है।
- हाल ही में जयपुर से मिले करीरब दस सिलेंडर को बदलवाया गया है। कुछ शेष है, उन्हें भी जल्दी बदलवाया जाएगा। पाइप रोल करके रखने के लिए लगाए गए कुछ बॉक्स किसी ने तोड़ दिए। अब इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
डॉ. सतीश अग्रवाल, पीएमओ, जिला अस्पताल