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जिला अस्पताल : आग लगी तो कैसे काम आएंगे खराब और बदहाल उपकरण

फायर सेफ्टी सिस्टम, अलार्म और स्मॉक डिटेक्टर का नहीं अता-पता कई अस्पतालों और खास तौर पर बच्चों के वार्ड में हुई कई घटनाओं के बाद भी नहीं ले रहे सबक

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बारां

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Mukesh Gaur

Aug 25, 2023

जिला अस्पताल : आग लगी तो कैसे काम आएंगे खराब और बदहाल उपकरण

जिला अस्पताल : आग लगी तो कैसे काम आएंगे खराब और बदहाल उपकरण

बारां. जिला अस्पताल में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए लगाया गया फायर सेफ्टी सिस्टम अब शो-पीस बनकर रह गया है। सिस्टम के गए विभिन्न तरह के उपकरण रखरखाव के अभाव में आइना दिखा रहे है। होज रील लगे हुए हैं, लेकिन इसमें पाइप और नोजल गायब है। कुछ जगह टंकियों से पाइपलाइन का जुड़ाव नहीं है। बॉक्स खुले पड़े हुए हैं। फायर एक्सङ्क्षटग्युशर सिलेंडर दीवारों पर लटके हुए हैं, लेकिन उनका नियमित रूप से रखरखाव नहीं हो रहा है। इस स्थिति में जिला अस्पताल में अनहोनी होने पर अस्पताल प्रशासन के स्तर पर किए जाने वाले बचाव बंदोबस्त का अंदाजा लगाया जा सकता है। करीब एक सप्ताह पहले ही प्रदेश की राजधानी जयपुर स्थित जेके लोन अस्पताल में आगजनी की गंभीर घटना हुई थी, इसके बाद भी यहां फायर सेफ्टी सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।

चोरी हो गए उपकरण

सूत्रों का कहना है कि जिला अस्पताल में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम के विभिन्न प्वाइंटों पर लगे पीतल के उपकरण चोरी हो गए। एमसीएच ङ्क्षवग में पीछे की ओर लगे बॉक्स से पाइप, नोजल आदि गायब है। इसी तरह पुराने अस्पताल भवन में कॉटेज वार्ड परिसर में लगे उपकरणों में जंग आ गया है। इसी तरह इमरजेंसी एवं ट्रोमा के समीप ब्लड बैंक के सामने लगे उपकरण भी अव्यवस्थित हो रहे हैं। विभिन्न वार्डों में लगे अग्निशामक उपकरण व गैस सिलेंडर की रिफङ्क्षलग अवधि बीत चुकी है, लेकिन उन्हें भी दीवारों पर लटकाया हुआ है।

नहीं मिली एनओसी

वैसे पूर्व में जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से फायर सेफ्टी सिस्टम लगे होन के आधार पर एनओसी लेने के लिए अग्निशमन केन्द्र को आवेदन किया था, लेकिन सिस्टम अव्यवस्थित होने के कारण अब तक एनओसी नहीं दी गई। इसके बाद भी सिस्टम को दूरुस्त करने ओर आवश्यक कमी पूर्ति करने को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। फायर अलार्म, स्मॉक डिटेक्टर, पानी के स्त्रोत, अग्निशामक आदि की नियमित रूप से जांच कराई जाना आवश्यक है।

- हाल ही में जयपुर से मिले करीरब दस सिलेंडर को बदलवाया गया है। कुछ शेष है, उन्हें भी जल्दी बदलवाया जाएगा। पाइप रोल करके रखने के लिए लगाए गए कुछ बॉक्स किसी ने तोड़ दिए। अब इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
डॉ. सतीश अग्रवाल, पीएमओ, जिला अस्पताल