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किसानों की अगेती फसल ने कृषि उपज मंडी में दस्तक दी

किसानों की अगेती फसल ने कृषि उपज मंडी में दस्तक दी---------------------------------------------------बारां. जिले में लगातार हुई अतिवृष्टि से जहां सोयाबीन उड़द धान व मक्का में भारी मात्रा में किसानों को नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर कई किसानों की अगेती फसल ने कृषि उपज मंडी में दस्तक दी है। आज कृषि उपज मंडी में करीब 400 - 500 बोरी नई सोयाबीन की आवक हुई। वही 50 बोरी नई धान की आवक भी हुई है।

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किसानों की अगेती फसल ने कृषि उपज मंडी में दस्तक दी
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बारां. जिले में लगातार हुई अतिवृष्टि से जहां सोयाबीन उड़द धान व मक्का में भारी मात्रा में किसानों को नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर कई किसानों की अगेती फसल ने कृषि उपज मंडी में दस्तक दी है।
आज कृषि उपज मंडी में करीब 400 - 500 बोरी नई सोयाबीन की आवक हुई। वही 50 बोरी नई धान की आवक भी हुई है।
सोयाबीन ₹3200 से लेकर ₹3500 ऊंचे तक बिकी है। जिसमें 15 से 17% मॉइश्चर बताया जा रहा है। वही केलवाड़ा क्षेत्र के पीपलखेड़ी गांव निवासी किसान रामनारायण किरार ने भी अपनी अगेती धान की फसल को निकाल कर बिकवाली के लिए मंडी पहुंचा लेकिन 2201 रुपया अधिकतम नीलामी बोली लगने के कारण नो सेल में रह गई। यह धान 1509 क्वालिटी की धान बताई गई है।
नक्षत्र ट्रेडिंग कारपोरेशन के पुनीत पोरवाल ने बताया कि धान के कम पैसे लगने के कारण किसान ने माल बेचने से मना कर दिया।
गत वर्ष धान 1121 क्वालिटी ऊपर में ₹4000 प्रति क्विंटल तथा सुगंधा ऊपर में 33 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी थी। वही सोयाबीन ऊपर में 4100 रूपए प्रति क्विंटल तक बिकी थी।
नए भाव सोयाबीन के तो लगभग ठीक खुलना व्यापारी बताते हैं। लेकिन धान के भाव थोड़े मंदा खुलना ही बताया जा रहा है।
वही मंडी में आज नई धान व नई सोयाबीन की आवक से व्यापारियों की चहल पहल बड़ी है। हालांकि इस वर्ष फसलें नष्ट हो जाने के कारण उम्मीदें धराशाई हुई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि अतिवृष्टि नहीं होती तो मंडी में इतनी सोयाबीन आती की मंडी मे पैर रखने की जगह नहीं मिलती।