
एक फाटक जाम कर देती है शहर की धडक़न
ना आरओबी बना ना अंडरपास
बारां. शहर में झालावाड़ रोड स्थित रेलवे फाटक दिन में बारबार खुलने बंद होने के कारण लम्बे अरसे से शहर के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। वाहनों की आवाजाही में दिक्कत आ रही है तो दोपहर व शाम के समय अक्सर यातायात जाम रहता है। एम्बुलेंस व जरूरी काम से आने जाने वाले वाहनों को भी देर तक फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने की मांग को देखते हुए पिछली राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर बजट का प्रावधान किया, लेकिन पिछली राज्य सरकार खुद के कार्यकाल में इसका निर्माण नहीं करा सकी। इसके बाद लोगों को नई राज्य सरकार ने उम्मीद बंधी, लेकिन वह भी अब तक टालमटोल कर रही है। क्षेत्र के कुछ लोगों ने अंडरपास बनाने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन ना तो अंडरपास बना ओर ना ही आरओबी बनाया जा रहा है।
चालीस बार खुलता बंद होता है फाटक
बारां रेलवे स्टेशन से गुना-बीना रेलवे लाइन पर स्थित इस गेट नम्बर 38 पर से होकर चौबीस घंटों के दौरान करीब 40 से अधिक ट्रेन, मालगाडिय़ों एवं पावर इंजन आदि की आवाजाही रहती है। इस दौरान चालीस बार ही फाटक को बंद करना पड़ता है। दिनभर में सुबह नौ से दस बजे के बीच सवारी ट्रेन की आवाजाही रहती है तो अस्पताल व सरकारी कार्यालयों एवं दुकानों पर जाने वालों को फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। इसी तरह शाम के समय ट्रेन आने के समय भी स्कूल, दफ्तर, दुकानों व बाजारों से आनेजाने वालों की भीड़ रहती है तो वाहन आढ़े तिरछे फंस जाते हैं।
फिसलने से दुघर्टना की आशंका
फाटक लगने के दौरान फाटक के नीचे से गुजर रहे रामनगर नाले से होकर दुपहिया वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन कच्ची जगह होने से यहां फिसलन रहती है तथा बारिश का पानी भरने से आवाजाही ठप रहती है। इसके अलावा सूखे दिनों में भी उबड़-खाबड़ जगह होने से दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। सबसे अधिक समस्या रात्रि के समय घर परिवार की महिला साथ होने पर होती है। महिलाओं को पैदल चलकर फाटक पार करनी पड़ती है तथा दुपहिया चालक दुपहिया लेकर नाले से होकर रोड तक पहुंचता है। महिला खुद दुपहिया लेकर जा रही है तो उसे रात के समय फाटक खुलने के इंतजार में अकेले देर तक खड़े रहना होता है।
ऐन वक्त पर ठहरी प्रक्रिया
तेल फैक्ट्री रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए टैंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई र्थी। कार्यकारी एजेंसी की ओर से मौका स्थिति के मुताबिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। कार्यकारी एजेंसी के इंजीनियर आदि भी यहां पहुंच गए थे। वहीं, नगरपरिषद की ओर से आरओबी की जद में आ रहे मकानों व अस्थायी अतिक्रमण आदि को हटाने के लिए सम्बंधित को नोटिस जारी कर दिए थे, लेकिन बाद में राज्य सरकार की ओर से पूरी प्रक्रिया को होल्ड पर रखने (यथा स्थिति) के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद से नए आदेश नहीं दिए गए।
-कुछ माह पूर्व सरकार की ओर से आरओबी निर्माण सम्बंधी प्रक्रिया को होल्ड पर रखने के आदेश मिले थे। इसके बाद से यथा स्थिति है। फिलहाल नए कोई आदेश नहीं मिले हैं।
-मनोज कुमार मीणा, आयुक्त नगरपरिषद
Published on:
05 Aug 2019 07:59 pm
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