
नाहरगढ़ : जिस भूमि का फर्जी पट्टा प्रकरण कोर्ट में, उसी पर जारी कर दिए पट्टे
नाहरगढ़. जिस भूमि पर पट्टा जारी करने के मामले में सरपंच को पद गवांना पड़ा, वहीं पर ग्राम पंचायत ने हाल ही में राजस्व भूमि पर पट्टे जारी कर दिए। गौरतलब है कि कस्बे में पहले गुना रोड पर पुलिस थाने के सामने पंचायत द्वारा जारी पट्टे के विवाद के चलते तत्कालीन सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। पट्टे का मामला हाईकोर्ट और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में विचाराधीन है। इसी राजस्व भूमि पर वर्तमान पंचायत की ओर से पुश्तैनी पट्टे जारी करने का मामला इन दिनों विवादों में है। इतना ही नहीं, राजस्व भूमि पर जारी पट्टों की प्रशासन ने रजिस्ट्री भी कर दी।
यह है मामला
सरकारी भूमि पर पट्टा जारी करने का कोई पहला मामला नहीं है। पिछले 5 सालों के कार्यकाल में जारी पट्टों का भी रिकॉर्ड देखे तो ऐसे कई मामले सामने आ जाएंगे। नियमों की बात करे तो पंचायत आबादी भूमि पर पट्टा जारी कर सकती है। या भूमि को पहले आबादी में कन्वर्ट करवाया जाता है। पट्टे के आवेदन पर पटवारी द्वारा भूमि के सत्यापन संबंधित कार्रवाई की जाती है। इसके बाद ग्राम पंचायत के वार्ड पंचों का समूह भौतिक सत्यापन करते हैं। उसके बाद सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी भी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पट्टा जारी करते हैं। पुश्तैनी पट्टे के लिए तो व्यक्ति का उक्त भूमि या मकान आवेदक का पत्रक अथवा जिस पर 50 वर्षों से काबिज होना अनिवार्य है, साथ ही परिवारजनों सहित पड़ोसियों की स्वीकृति ली जाती हैं। लेकिन यहां तो इन सब को दरकिनार कर पट्टा जारी कर दिया है।
वार्ड पंचों ने सरपंच से इस्तीफा मांगा
वार्ड पंचों ने सरपंच के समक्ष विरोध जताकर इस्तीफे की मांग की। वार्ड पंचों ने बताया कि पहले अविश्वास प्रस्ताव के बाद वार्ड पंचों और जनता ने सोहनलाल को सरपंच चुना था, लेकिन अब वे ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व में जारी किए पट्टे में ग्राम विकास अधिकारी रामकुमार सहरिया ने पट्टे को वैध बताया था। वर्तमान में भी ग्राम विकास अधिकारी रामकुमार सहरिया ने पट्टों को वैध बताया है।
धोखे से कराए हस्ताक्षर
सरपंच सोहनलाल सहरिया ने बताया कि पट्टे पर धोखे से हस्ताक्षर करवाए गए हैं। हमने कोई मौका स्थिति नहीं देखी, जांच नही करवाई। उक्त पट्टे को खारिज करवाने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है।
& वह कोई फर्जी पट्टा नही है। वह जगह आबादी में है। यदि नहीं है तो इस जमीन का सीमाज्ञान कराया जा सकता है। अगर नहीं है तो उसे खारिज करा देंगे।
रामकुमार सहरिया, पंचायत सचिव
Published on:
15 Sept 2023 11:13 am
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