
लाइसेंसी विक्रेताओं का शराब से तौबा!
बारां. राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के तहत लाइसेंसी शराब विक्रेताओं को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नवीनीकरण कराने का अवसर प्रदान किया गया है, लेकिन नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन करने की तिथि नजदीक आने के बावजूद अधिकांश शराब विक्रेता इसमें रूचि नहीं दिखा रहे है। इस स्थिति में आगामी वित्तीय वर्ष में जिले में भी अधिकांश शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस मामले को लेकर फिलहाल आबकारी विभाग की ओर से लाइसेंसी शराब विक्रेताओं के मूड पर वॉच एण्ड वैट की नीति के तहत कार्य किया जा रहा है। जिले में करीब 169 शराब की अधिकृत दुकाने है। इनमें से अब तक 28 विक्रेताओं की ही पूरी गारंटी राशि जमा हुई है। शेष 141 दुकानदारों पर करीब 31 करोड़ की गारंटी राशि भी बकाया है। यह राशि भी 31 मार्च तक जमा करानी होगी। विभागीय अधिकारियों को लाइसेंसी विक्रेताओं द्वारा लाइसेंस नवीनीकरण कराने का भरोसा है।
7 तक आवेदन, फिर नीलामी
जिले में अब तक 28 दुकानों की पूरी गारंटी राशि जमा है। इससे इतना तो तय है कि ये दुकानदार दुकाने छोडऩे के मूड में है। वैसे इन पर गारंटी बकाया नहीं होने से इन्हें केवल नवीनीकरण शुल्क ही देना है। सात मार्च तक नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन करने की तिथि तय है। लेकिन अब तक गिनती के आवेदन मिले है। सात मार्च तक आवेदन करने के अलावा वर्ष 2022-23 की निर्धाति शुल्क जमा कराने पर सम्बंधीत दुकान का नवीनीकरण होना माना जाएगा। जिन दुकानों के लिए आवेदन नहीं होंगे। उन सभी दुकानों की 14-15 मार्च तक नीलामी कराना प्रस्तावित है।
157 को 209 करोड़ करना पड़ा भारी
विभाग की ओर से जिले की सभी 169 दुकानों के लिए करीब 157 करोड़ की गारंटी राशि मिलने का अनुमान जताते हुए यही राशि तय की थी, लेकिन शराब से धनवान बनने के लालच में नए आवेदकों ने अधिक बोली लगा दी। इससे गांरटी राशि 157 से बढ़कर 209 करोड़ तक पहुंच गई। उस समय तो लोगों ने खुशी से दुकाने ले ली, लेकिन कोरोनाकाल में शादी समारोह बंद हुए तो बिक्री भी नहीं हुई। इससे बड़ी हुई 52 करोड़ की राशि जमा कराना भारी पड़ गया। कई लाइसेंसी पर 40-50 लाख तक की बकाया है।
ठेकेदारों को नहीं आएगी कर्ज की नौबत
अधिकारियों ने अधिक बोली लगाकर फंसने की समस्या को हल करने के लिए अब नीलामी के लिए तय गांरटी राशि से अधिक की बोली लगाने पर बढ़ाई गई राशि का भी दो फीसदी पहले जमा कराने का प्रावधान किया है। इससे ठेकेदारों को अनावश्यक बोली बढ़ाने से पहले काफी सोच विचार करना होगा। संभवतया बोली नहीं बढ़ेगी तो ठेकेदारों के सामने कर्ज लेकर व्यवसाय करने की नौबत नहीं आएगी।
-कोरोनाकाल में शादी समारोह नहीं होने से बिक्री नहीं हुई। इससे बेरोजगारी में इस व्यवसाय से जुड़े युवा सरकार से राहत मिलने की आस लगाए हुए है। इस तरह के प्रावधान किए जाने चाहिए जिससे सरकार को राजस्व भी मिले ओर लोगों को रोजगार भी मिलता रहे। वर्तमान हालत में तो कई लाइसेंसी इस व्यवसाय से हाय तौबा कर रहे है।
-हरीश शर्मा, लाइसेंसी शराब विक्रेता
-अब तक 28 दुकानदारों की पूरी गांरटी जमा हुई है। शेष के लिए समझाइश व नोटिस देकर प्रयास किए जा रहे है। सात मार्च तक नवीनीकरण आवेदन नहीं करने पर दुकानों को नीलामी से आवंटित किया जाएगा।
-तपेश चन्द जैन, जिला आबकारी अधिकारी
Published on:
05 Mar 2022 08:40 pm
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