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Baran—रुकमणी देवी केलवाड़ा की तथा सीमा चौधरी बाल्दा की सरपंच निर्विरोध निर्वाचित

Baran---रुकमणी देवी केलवाड़ा की तथा सीमा चौधरी बाल्दा की सरपंच निर्विरोध निर्वाचितबारां.पंचायत राज चुनाव के तहत मंगलवार को नाम वापसी के बाद ग्राम पंचायत केलवाड़ा से रुकमणी देवी राठौर पत्नी श्यामबाबू राठौर तथा बाल्दा ग्राम पंचायत सेसीमा चौधरी निर्विरोध सरपंच चुनी गई।

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sarpanch nirvachit

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Baran---रुकमणी देवी केलवाड़ा की तथा सीमा चौधरी बाल्दा की सरपंच निर्विरोध निर्वाचित
बारां.पंचायत राज चुनाव के तहत मंगलवार को नाम वापसी के बाद ग्राम पंचायत केलवाड़ा से रुकमणी देवी राठौर पत्नी श्यामबाबू राठौर तथा बाल्दा ग्राम पंचायत से
सीमा चौधरी निर्विरोध सरपंच चुनी गई। दोनों ही ग्राम पंचायत में नाम वापसी के बाद एक-एक ही नामांकन पत्र शेष बचा था। ऐसे में इनका निर्वाचन तय माना जा रहा है.। इधर हरनावदा शाह जी में पंच सरपंच की नामांकन प्र्िरकया के दौरान वार्ड पंच में चुनाव लडने के लिए आवेदन भरने वाली उन दो महिला प्रत्याशियों को निराश होना पडा जिनके जाति के प्रमाण पत्र मध्यप्रदेश से बने हुए थे। रिर्टनिंग अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग से मिले निर्देशों के आधार पर चुनाव लडने वाले प्रत्याशी का जाति प्रमाण पत्र राजस्थान से बना हुआ ही मान्य किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों के दौरान सोमवार को हुई नामांकन प्रक्रिया में कुल 91 वार्ड पंचों ने दावेदारी जताते हुए आवेदन दिए थे। इनमें से वार्ड संख्या पांच में ओबीसी महिला वर्ग के लिए कुल तीन महिलाओं के आवेदन भरे गए। लेकिन दो आवेदकों को उस समय झटका लगा जब उन्हे यह जानकारी दी गई की मध्यप्रदेश शासन के बने जाति प्रमाण पत्र नही चलेगें। निर्वाचन आयोग का हवाला देते हुए राजस्थान शासन का बना जाति प्रमाण पत्र ही मान्य बताया । जबकि इधर आवेदन भरने वाले परमानंद कारपेंटर व बद्रीलाल सेन का कहना है कि उन्होने महिला सीट आने से अपनी पत्नियों के कागजात तैयार करवाकर चुनाव के लिए आवेदन किया था। जाति प्रमाण पत्र शुरु से ही नियमानुसार महिलाओं के पीहर से बनते आ रहे है और दोनों की पत्नियों के पीहर मध्यप्रदेश में होने से जाति प्रमाण पत्र भी वहीं का बना हुआ है जिसे निर्वाचन अधिकारी मान्य नही कर रहे। उनका कहना है कि यदि नियमों में इस तरह का बदलाव हुआ था तो उसकी सूचना सर्वजाहिर क्यों नही की गई। ऐसे में उनकी सारी तैयारियां धरी रह गई हेै। यदि पहले से इस बदलाव की जानकारी जाहिर होती तो तैयारियां भी उसी हिसाब से पूरी करवाते।