8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अवैध सम्बंधों में आड़े आया तो घोंट दिया गला

बारां. शहर के मांगरोल रोड स्थित समसपुर गांव के समीप ईंट भट्टों में रविवार सुबह युवक की लाश मिलने के मामले का खुलासा कारते हुए पुलिस ने सोमवार को मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी ठेकेदार युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बारां

•

image

Ghanshyam Dadhich

•

Updated: 30 Nov 2020, 8:47 PM IST

अवैध सम्बंधों में आड़े आया तो घोंट दिया गला

अवैध सम्बंधों में आड़े आया तो घोंट दिया गला

बारां. शहर के मांगरोल रोड स्थित समसपुर गांव के समीप ईंट भट्टों में रविवार सुबह युवक की लाश मिलने के मामले का खुलासा कारते हुए पुलिस ने सोमवार को मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी ठेकेदार युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। मृतक महेन्द्र मीणा की हत्या उसी की पत्नी कांतिबाई ने प्रेमी युवक लेबर ठेकेदार राकेश मेघवाल के साथ मिलकर की थी। पहले राकेश ने महेन्द्र को शराब पिलाई। नशे में धुत्त होने के बाद उसे दोनों प्रेमी-प्रेमिका ने हाथों से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया तथा सबूत नष्ट करने इरादे से शव को ईंटों के भट्टे में चुन दिया।
पुलिस ने सोमवार को शनिधाम रोड बोरेड़ी गांव की ओर से अइारोपी ठेकेदार युवक राकेश मेघवाल (30) पुत्र जोधराज मेघवाल व कोंति बाई निवासी खेड़ली भेडोलिया को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि सबरवाल ने बताया कि मृतक महेन्द्र मीणा व उसकी पत्नी कांति बाई दोनों पिछले करीब 7 वर्षो से लेबर ठेकेदार राकेश मेघवाल के साथ ईंट भट्टों पर काम करते थे। इसी दौरान करीब 4-5 साल पहले कांतिबाई व ठेकेदार राकेश के अवैध संबध हो गए। महेन्द्र को इसका पता लगा तो दोनों पति-पत्नी में आए दिन झगड़ा होने लगा। महेन्द्र दोनों के प्रेम प्रसंग में आड़े आने लगा तो कांति बाई व राकेश ने महेन्द्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
शराब पिला किया काम तमाम
योजना के तहत वह 21 नवम्बर को अपने गांव खेड़ली भेड़ोलिया सेे महेन्द्र को मजदूरी के बहाने ईंट-भट्टे पर ले गए। रास्ते में राकेश ने महेन्द्र को शराब के दो पव्वे दिलाए तथा भटï्टे पर बनी टापरी में महेन्द्र को शराब पिला दी। जब महेन्द्र शराब के नशे में धुत्त हो गया तो मौका पाकर कांतिबाई व उसके प्रेमी ठेकेदार राकेश ने मिलकर पति महेन्द्र मीणा को हाथ से गला घोंठकर जान से मार दिया। सबूत मिटाने के लिए उसी रात महेन्द्र के शव को र्इंटों के भट्टे में चुन दिया। दुसरे दिन 22 नवम्बर को कांतिबाई ने राकेश के मोबाइल से फोन कर परिजनों को बताया कि उसका पति महेन्द्र रात को उससे झगड़ा करने के बाद पांच सौ रुपए लेकर चला गया।
...तो पहले मिल जाती लाश
गत 29 नवम्बर को भरत उसके भाई महेन्द्र को तलाश करने के लिए रामकुंवार के भट्टे की ओर गया तो रोड के पास भट्टों से दुर्गंध आने पर शक हुआ। इस पर पुलिस को सूचना दी। बाद में पुलिस ने भट्टे की ईट हटाकर देखा तो महेन्द्र की लाश कच्ची इंटो में भट्टे में चुनी हुई मिली थी। हालांकि मृतक महेन्द्र के भाई भरत मीणा ने तलाश के बाद महेन्द्र नहीं मिलने पर 25 नवम्बर को कोतवाली थाने पर उसकी भाभी कांति बाई व ठेकेदार राकेश पर झगड़ा कर महेन्द्र को भगा देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस उस समय तत्परता दिखाती तो आठ दिन भट्टे में दबी रहने से सड़ी गली अवस्था में मिली लाश को पहले ही निकाल लिया जाता।