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बारां में श्रीजी मंदिर का गरूड़ स्तम्भ गिरा,खचाखच भीड़ के बावजूद कोई हादसा नहीं,अफरा तफरी मच गई थी मंदिर में

बारां. शहर के आराध्य देव श्रीजी मंदिर पर सोमवार देर रात आरती के समय मंदिर में स्थित प्राचीन गरूढ़ स्तम्भ भरभराकर गिर गया।

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बारां में श्रीजी मंदिर का गरूढ़ स्तम्भ गिरा,खचाखच भीड़ के बावजूद कोई हादसा नहीं,अफरा तफरी मच गई थी मंदिर में

shreeji mandir

बारां में श्रीजी मंदिर का गरूड़ स्तम्भ गिरा,खचाखच भीड़ के बावजूद कोई हादसा नहीं,अफरा तफरी मच गई थी मंदिर में

बारां. शहर के आराध्य देव श्रीजी मंदिर पर सोमवार देर रात आरती के समय मंदिर में स्थित प्राचीन गरूड़ स्तम्भ भरभराकर गिर गया। मंदिर में जब यह घटना हुई उस समय पूरा मंदिर जन्माष्टमी मनाने के लिए लोगों से भरा हुआ था। सैकड़ों लोग भगवान के दर्शनों के लिए उतावले हो रहे थे। लोग नन्दलाला रे गोपाल लाला जैसे भजनों पर आनंदित हो रहे थे। भजनों पर झूम कर जन्माष्टमी मना रहे थे। दर्शनों के लिए खंभ से चिपक कर लोग चल रहे थे। ठीक उसी समय यह खंभ गिर गया। खंभ गिरते ही मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ इधर उधर दौडने लगी। भगदड़ की स्थिति भी बनी। लोग अज्ञात आशंका से चीखने चिल्लाने लगे। लेकिन पुलिस ने मामले को संभाल लिया। हालांकि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। खंभ गिरने से एक युवक के चोट आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गरूड़़ प्रतिमा खंभ करीब १० फीट का था। यह मंदिर निर्माण के साथ का ही है। मुख्य मंदिर के सामने लगभग १५ फीट की दूरी पर यह खंभ स्थापित था। गरूड़ खंभ की प्रतिमा को सुरक्षित रखवा दिया गया है।
बारां शहर के आराध्य देव हैं श्री जी
-श्री जी भगवान को बारां शहर के आराध्य देव माना गया है। शहर में किसी भी प्रकार का मंगल कार्य इन्ही की पूजा अर्चना के साथ शुरू होता है। यह अत्यंत प्राचीन मंदिर है। पूरा मंदिर प्रचीन पत्थरों से निर्मित है। बुधवार को जन्माष्टमी पर्व होने से पूरे मंदिर को शानदार लाइट और अन्य तरीकों से सजाया गया था। खंभ गिरने के बाद मलबे को उस स्थान से हटा दिया गया है। मंदिर कार्य मेंं किसी प्रकार को बाधा नहीं आई है। बारां के प्रमुख धार्मिक पर्व डोल ग्यारस पर सभी मंदिरों के डोल श्री जी चौक में ही इकट्ठा होते हैं। यहां से सबसे अंत में श्री जी का डोल नगर परिक्रमा पर निकलता है।