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पार्वती नदी में मिला कोयला पीएसची के चिकित्सक का शव

इस मामले में डॉ.वैभव चावला के परिजन का कहना है कि हमारा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने उच्च अधिकारियों पर प्रताडि़त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसे हत्या बताते हुए मामले की पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।

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बारां

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Mukesh Gaur

May 19, 2025

इस मामले में डॉ.वैभव चावला के परिजन का कहना है कि हमारा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने उच्च अधिकारियों पर प्रताडि़त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसे हत्या बताते हुए मामले की पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।

इस मामले में डॉ.वैभव चावला के परिजन का कहना है कि हमारा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने उच्च अधिकारियों पर प्रताडि़त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसे हत्या बताते हुए मामले की पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।

कोटा जिले के इटावा का रहने वाला था, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

कोयला/बारां. कोटड़ी सूंडा गांव के समीप पार्वती नदी में रविवार शाम कोयला पीएचसी पर कार्यरत एक चिकित्सक का शव मिला है पीएचसी पर चिकित्साधिकारी नियुक्त था। वह कोटा जिले के इटावा कस्बे का रहने वाला है। वर्तमान में कोयला गांव में ही रहता था। मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया है। पोस्टमार्टम सोमवार को होगा। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक ओमेन्द्र सिंह शेखावत जिला अस्पताल पहुंचे। शेखावत ने बताया कि कल इटावा निवासी डॉ. वैभव चावला (27) पुत्र गोपाल लाल आर्य कोयला पीएचसी चिकित्साधिकारी लगा हुआ था। रविवार दोपहर बाद कोटड़ी सूंडा के निकट पार्वती नदी में उसका शव मिला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

मौके पर बाइक, कपड़े मिले

शेखावत ने बताया कि पिता का कहना है कि वह रोज रात को पुत्र डॉ. वैभव से मोबाइल पर बात करते थे। शनिवार रात मोबाइल नॉट रिचेबल आ रहा था। रविवार सुबह मोबाइल स्वीच ऑफ आ रहा था तो बात नहीं हुई। वह कोयला अस्पताल व उसके कमरे पर गए, लेकिन वहां भी पता नहीं लगा। इसी दौरान पुलिस को नदी के समीप एक बाइक व चप्पल जूते पड़े होने की सूचना मिली। इस पुलिस मौके पर पहुंची। वैभव के पिता को भी बुलाया तो उन्होंने पहचान कर ली। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर संदिग्ध अवस्था में मृत्यु का मामला मानते हुए फिलहाल मृग दर्ज किया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा तथा एफएसएल जांच भी कराई जाएगी। जांच में पारिवारिक व विभागीय परेशानी आदि सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।

सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच पुलिस कर रही है। वैसे ग्रामीण व चिकित्सा विभाग के कुछ कर्मचारियों मिली प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार मृतक डॉ. वैभव अविवाहित था और डिप्रेशन में था। वह छोटी-छोटी समस्या को लेकर तनाव में आ जाता था। आए दिन समस्या लेकर गांव से सीएमएचओ कार्यालय आ जाता था। कुछ दिन पहले स्टाफ की कमी बताते हुए उसने पीएचसी के दूसरे स्थान पर लगे कर्मचारी मोहन सिंह को वापस कोयला लगाने की बात की थी तो तत्काल प्रतिनियुक्ति निरस्त कर दी थी। बताया जा रहा है उसके साथ दो और लोग भी थे। इन सब चर्चाओं का पुलिस जांच से ही खुलासा होगा।

परिजन बोले-आत्महत्या नहीं कर सकता

इस मामले में डॉ.वैभव चावला के परिजन का कहना है कि हमारा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने उच्च अधिकारियों पर प्रताडि़त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसे हत्या बताते हुए मामले की पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।