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RTE Admission 2026-27: आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम के तहत प्रदेश के निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए संशोधित समय सारणी जारी की है। इसके अनुसार निजी स्कूलों में अभिभावकों की ओर से ऑनलाइन आवेदन एवं दस्तावेज अपलोड 20 फरवरी से शुरू किया गया था।
आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई है। इसके बाद लॉटरी के माध्यम से प्रवेश के लिए चयनित विद्यार्थियों का वरीयता क्रम 12 मार्च तक जारी किया जाएगा। इसी दिन विद्यालयों का चयन क्रम में परिवर्तन 16 मार्च तक किया जा सकेगा। प्रवेश के लिए प्रथम चरण का आवंटन 17 मार्च को होगा। दस्तावेजों का सत्यापन 25 मार्च तक किया जाएगा।
कोई अभिभावक परिवेदना प्रस्तुत करता है तो उसका निस्तारण 17 मार्च से दो अप्रैल तक किया जा सकेगा। द्वितीय चरण का आवंटन 7 अप्रैल को किया जाएगा और दस्तावेज का सत्यापन 13 अप्रैल तक होगा। परिवेदनाओं का निस्तारण 20 अप्रैल तक किया जाएगा। यदि किसी स्कूल में आरटीई के तहत सीटें रिक्त रहेंगी तो तृतीय चरण भी किया जा सकेगा। यह चरण 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा।
इस बार आवेदन प्रक्रिया में अभिभावकों का पैन नंबर अनिवार्य किया गया है। इससे विभाग अभिभावकों की वास्तविक आय का क्रॉस-चेक कर सकेगा और गलत जानकारी देने वालों की पहचान आसानी से हो सकेगी। यदि कोई अभिभावक गलत आय, फर्जी पता या झूठे दस्तावेजों के आधार पर बच्चे को प्रवेश दिलाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित स्कूल की दो साल की फीस के बराबर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
आरटीई के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हुई थी। शुरुआती 13 दिनों में से 7 दिन सरकारी छुट्टियां होने के कारण कई अभिभावक आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार नहीं कर पाए। होली, साप्ताहिक अवकाश और अन्य छुट्टियों के चलते हजारों अभिभावक जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने में असमर्थ रहे। इसी कारण आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है।
नए शेड्यूल के अनुसार 12 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से सीटों का आवंटन किया जाएगा। अभिभावक आवेदन के दौरान अधिकतम 5 स्कूलों की प्राथमिकता भर सकते हैं। आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम होना जरूरी है। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार हर साल आय, पते और वार्ड से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें मिलती थीं। नई गाइडलाइन लागू होने से फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी और पात्र बच्चों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
Published on:
09 Mar 2026 02:06 pm
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