
तेल का खेल : जिले में रोजाना 10 टन खाद्य तेल की खुले में बिक्री, 24 टन है खपत
बारां. यूं तो जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया हुआ है। लेकिन शहर समेत जिले में बड़े पैमाने पर हो रहे खाद्य तेल के खुले कारोबार पर कोई रोक-टोक नहीं है। किराने की कुछ खाद्य सामग्री को छोड़कर अन्य खाद्य सामग्री को बिना पैकिगं के बेचान नही किया जा सकता। जबकि शहर समेत जिले भर में खुले आम छोटे व बड़े व्यापारी खाद्य तेल की बिना पैकिगं धड़ल्ले से बिक्री कर रहे हैं। शहर समेत जिलेभर में करीब 24 टन खाद्य तेल की प्रतिदिन खपत हो जाती है। जिसमें 10 टन खुला तथा 14 टन विभिन्न किस्म व ब्रांडों का होता है। शहर में ही रोजाना करीब 3 टन खुले तेल की बिक्री होती है।
इन शहरों, कस्बों से आता है खुला तेल
जिले में कोटा, खानपुर व बारां के उद्योगों का खुला तेल जरीकेन के माध्यम से बाजार में बिक्री के लिए आता है। जिले के कुछ क्षेत्रों में मध्यप्रदेश से भी तेल बिक्री के लिए लाया जाता है। विभिन्न ब्रांड के खाद्य तेल तेल बाजार में बिक्री के लिए आता है। लेकिन खुले तेल की एक केन में 30 किलो तेल बाजार में आता है। जिसे नमकीन, कचौरी व समोसा विक्रेताओ समेत खुला तेल बिक्री करने वाले अधिक खरीदते हैं। ग्रामीण क्षेत्रो में भी खुले तेल की अधिक बिक्री होती है।
काफी सस्ता मिलता है खुला तेल
बाजार में जहां पैङ्क्षकग खाद्य तेल की तुलना में करीब 10 से 15 रुपए किलो सस्ता पड़ता है। इसके चलते काफी मात्रा में बिक्री होती है। पैकिेंग तेल की बिक्री लीटर में होती है। वहीं खुले तेल की तोल में बिक्री की जाती है। जिला मुख्यालय पर तैनात खाद्य निरिक्षक गोविन्द सहाय गुर्जर ने बताया की ऐसे केनों में खुले तेल की बिक्री की जानकारी नहीं है। खुले तेल की बिक्री निमय विरुद्ध है। खाद्य पदार्थ मानक अधिनियम के तहत खुले तेल की बिक्री करने वाले छोटे या बड़े व्यापारी कोई भी हो कार्रवाई के साथ ही दो लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
Published on:
27 Jul 2022 12:03 pm
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