
good news : 5 साल लंबे इंताजार के बाद अब सरकार ने ली श्रमिकों की सुध, जाग उठी उम्मीदें
बारां. करीब 5 वर्ष से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने की आस में बैठे निर्माण श्रमिकों को अब उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। राज्य सरकार के आदेश व निर्देशानुसार जिले में निर्माण श्रमिकों द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए जो आवेदन श्रम कल्याण विभाग को दिए गए थे। उनमें लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाकर अमलीजामा पहनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
आवेदनों का ढेर लगा
यों तो जिले में वर्ष 2017 से विभाग की लचर कार्यवाही और कामकाज के चलते कुल 24496 आवेदन पत्र विभिन्न योजनाओं में लाभ पाने के लिए लंबित पड़े हुए हैं। 2017 से अब तक करीब 60861 आवेदन पत्र विभाग को प्राप्त हुए थे। इनमें से 18506 स्वीकृत किए गए। लंबित प्रकरणों में 19254 आवेदन श्रमिक शिक्षा व कौशल योजना के हैं। 2846 आवेदन प्रसूति सहायता के है। वहीं 364 आवेदन दुर्घटना व मृतक सहायता के मामलों से संबंधित हैं।
इंतजार में सालों गुजरे
देखा जाए तो जिस श्रमिक के बच्चे को शिक्षा के लिए 10वीं क्लास में आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी। वह आज स्नातक हो गया होगा। लेकिन सहायता नहीं मिली। वहीं एक प्रसूता द्वारा लड़की के जन्म के बाद किया गया आवेदन प्रसूति काल से लेकर बच्ची की उम्र 5 वर्ष हो जाने के बाद भी यूं ही पड़ा है। लेकिन ऐसे ही प्रकरणों को देखते हुए सरकार ने शायद अब सुध ली है।
अब भौतिक सत्यापन
जिला श्रम कल्याण अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार 7 अप्रैल से विभाग द्वारा कार्य योजना बनाकर अमली जामा जामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसके तहत आवेदकों के भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। इससे वास्तविक निर्माण श्रमिक की जानकारी मिल पाएगी। इसके लिए कार्यालय दो जिला श्रम कल्याण विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसके जिला नोडल अधिकारी एडीएम बृजमोहन बैरवा होगें। ब्लॉक नोडल अधिकारी एसडीएम होंगे। सहायक नोडल अधिकारी वीडीओ होंगे। ये अभियान की मॉनिटङ्क्षरग करेंगे।
पंचायत स्तर पर कमेटी
अभियान के तहत जिले की 232 ग्राम पंचायतों के लिए हर ग्राम पंचायत स्तर पर 3 कर्मचारियों की समिति बनाई गई है। इस समिति में प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जो कि प्रभारी होंगें तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं पटवारी शामिल होंगे। ये श्रमिक का भौतिक सत्यापन करेंगे।
यह हैं 8 योजनाएं
निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना, निर्माण श्रमिक सुलम्य आवास योजना, निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना, शुभ शक्ति योजना, सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत या घायल होने की दशा में सहायता योजना, प्रसूति सहायता योजना, सिलिकोसिस पीडि़त हिताधिकारियों के लिए सहायता योजना, निर्माण श्रमिक टूल किट व औजार सहायता योजना शामिल है।
अभियान की 7 अप्रैल से शुरुआत की जाएगी। इसके तहत संयुक्त निरीक्षण टीम को ब्लॉक स्तरीय ट्रेङ्क्षनग देंगे। इसमें योजनाओं की जानकारी के साथ ग्राम पंचायत वार लंबित प्रकरणों के नामों की सूची टीम को उपलब्ध करवाई जाएगी। निरीक्षण में निर्माण व कृषि श्रमिक दोनों को शामिल किया गया है। अभियान अप्रैल से जून तीन माह तक जारी रहेगा। इसमें श्रमिकों के भौतिक सत्यापन के साथ ही दस्तावेजों की जांच भी की जाएगी। इसी आधार पर लंबित प्रकरणों का निस्तारण होगा।
हरिशंकर नुवाद, कार्यवाहक अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार), जिला श्रम कल्याण विभाग, बारां
Published on:
01 Apr 2022 10:47 pm
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