
death due to a current
गांव को रोशन करने के लिए खिंचे थे बिजली के तार... लेकिन लापरवाही के बोझ ने उन्हें जमीन तक लटका दिया... रोज फसलें जल रहीं थी...लोग 'करंट' को कसने की गुहार लगा रहे थे... लेकिन दफ्तरों में पड़ी अर्जियों की किसी ने धूल झाड़ना तक जरूरी नहीं समझा...मौत बनकर खेतों में लटक रहे इन तारों से चिपक कर 'प्रेम' रात भर जलता रहा... शायद इस उम्मीद में कि कोई तो आए इन्हें कसने, ताकि उसे मरने से बचाया जा सके।
गर्मी की शुरुआत होते ही ग्रामीण इलाकों में बिजली के तार टूटकर खेतों में गिरने लगे थे। किसानों की साल भर की मेहनत आए दिन जलकर खाक होने लगी, लेकिन बिजली विभाग ने कभी बिजली के तारों को कसने की मुहिम नहीं चलाई और उन्हें लटकने के लिए ही छोड़ दिया। मंगलवार की रात लापरवाही के इन्ही तार में फंस गया बारां जिले के माली गांव का 12 वर्षीय किशोर प्रेम प्रकाश। प्रेम गांव के ही एक समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था। अंधेरे के कारण खेतों में लटके बिजली के तार उसे दिखाई नहीं पड़े और चिपक गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बारां लाया गया। जिसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया। प्रेम प्रकाश के पिता मुकेश माली ने विद्युत विभाग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने बताया कि खेत से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के तार कई दिनों से झूल रहे थे। उन्हें कसने के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन बिजली विभाग के किसी अफसर या कर्मचारी ने उनकी एक नहीं सुनी। जिसका नतीजा यह हुआ कि गांव को रोशन करने के लिए आई इस लाइन ने मुकेश के घर का चिराग बुझा दिया।
Published on:
17 May 2017, 10:50 PM IST
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