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OMG !! क्या आप जानते है…बारां जिले में प्रतिदिन 80 करोड़ रुपए का हो रहा डिजीटल भुगतान

डिजीटल लेनदेन में हासिल किया 90 फीसदी लक्ष्य

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बारां

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Mukesh Gaur

Jul 29, 2023

OMG !! क्या आप जानते है...बारां जिले में प्रतिदिन 80 करोड़ रुपए का हो रहा डिजीटल भुगतान

OMG !! क्या आप जानते है...बारां जिले में प्रतिदिन 80 करोड़ रुपए का हो रहा डिजीटल भुगतान

बारां. देश में सरकार की कैशलेस अर्थव्यवस्था के तहत आसान इंटरनेट की उपलब्धता ने भुगतान के तरीके में क्रांति का सूत्रपात किया है। इसके साथ ही डिजीटल लेनदेन का दायरा भी बढ़ा है। अब लोग जेब में नकद राशि नहीं रखते, एक तरह से यह आसान भी है। हर छोटे-बड़े भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर फोन से ही भुगतान किया जाता है। देश में डिजिटल बैंकिग की शुरुआत 1990 के दशक के अन्त में हुई। हालांकि 1999 में इंटरनेट शुल्क घटने और बढ़ती जागरुकता से इसे लोकप्रियता मिलने लगी। प्रदेश में कैशलेस लेनदेन में बढ़ोतरी होने के साथ ही बारां जिला में डिजीटल लेनदेन लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जिले में प्रतिदिन औसत 80 करोड़ का ऑनलाइन व डिजीटल 0000 भुगतान हो रहा है। कितने समय में कितना हो सकता है लेनदेन बैंकिग सूत्रों के अनुसार पेटीएम यूपीआई के माध्यम से एक घंटे में अधिकतम पांच लेनदेन और एक दिन में अधिकतम 20 लेनदेन की सीमा निर्धारित की गई है। वहीं गूगल-पे के माध्यम से एक लाख रुपए से अधिक ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। वीजा कार्ड सभी ऑनलाइन और डिजीटल लेनदेन के लिए अधिकांश व्यापारियों द्वारा स्वीकार्य कार्ड है। डेबिट कार्ड उन लोगो के लिए आसान तरीका है जो ऑनलाइन भुगतान करना चाहते हैं। एनईएफटी तथा आरटीजीएस के माध्यम से बड़ी राशि का भुगतान किया जाता है।

ज्यादा सहज, आसान

जिले में लोगों को अब जेब में रुपए रखने के झंझट से काफी हद तक मुक्ति मिली है। लोग अब यूपीआई के माध्यम से छोटी-मोटी खरीदारी, किराना, कपड़े, जूते, चाय-कचौरी तक का भुगतान इसी माध्यम से करने लगे हैं। 000 पहले की तरह अब बैंकों में कतारें नहीं बैंकों में जहां पहले लेनदेन को लेकर काफी भीड़भाड़ व कतारें रहती थी। उसमें काफी कमी आई है। अब बैंकों में भीड़ का आंकड़ा घटकर करीब 40 फीसदी ही रह गया है।

यह होता है लाभ डिजिटल भुगतान का लाभ

यह है कि यह तेज तथा सुरक्षित एवं संग्रहण में आसान और व्यवसाय के लिए कम खर्चीला है। इलेक्ट्रॉनिक भुगतान से चालान पर बचत भी होती है। यह जेब में नकद राशि से होने वाले जोखिम से भी बचाता है। बैंकिग क्षेत्र के जानकार बताते है कि डिजीटल लेनदेन में बैंकों के पर्सनल एप से भुगतान करना अधिक सुरक्षित होता है।

वित्तीय साक्षरता है लक्ष्य

अग्रणी बैंक के जिला प्रबन्धक जीआर मेघवाल का कहना है कि युवा वर्ग में वित्तीय साक्षरता तथा डिजीटल बैंकिग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिर्जव बैंक के निर्देश पर अप्रेल, मई से ब्लॉक स्तर समेत जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत विद्यार्थियो की प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें जिला स्तर पर मांगरोल का बृजमोहन राउमावि प्रथम रहा।

डिजीटल लेनदेन में देश अव्वल

वर्ष 2019 में 31 अरब रुपए 17 प्रतिशत से बढकर यह 2022 तक 88.4 अरब रुपए यानी 52 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सूत्रों का दावा है कि ऐसे सभी लेनदेन में लगभग 40 प्रतिशत लेनदेन करके रियल टाइम में भारत दुनिया में अव्वल है। कोविडकाल ने भी इसे बढ़ाने में काफी योगदान दिया है। इस अवधि में देश में डिजीटल भुगतान के तरीके को अपनाने में जबरदस्त वृद्धि हुई। देखी गई। भारत के बाद ब्राजील 29.2 अरब, चीन 17.6 अरब, थाईलैंड 16.5 अरब और साउथ कोरिया 8 अरब रुपयों के साथ चौथे नंबर पर है। बेंगलुरु भारत में सबसे अधिक डिजीटल लेनदेन वाले शहरों की सूची में शामिल है।

- जिले में वित्तिय साक्षरता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ऑनलाइन डिजीटल लेनदेन ग्राहकों को सुरक्षा के साथ ही जोखिम से बचाता है। जिले ने डिजिटल बैंकिग व भुगतान में 90 फीसदी तक लक्ष्य हासिल कर लिया है। प्रयास रहेगा की यह शत-प्रतिशत तक हो जाए।
जीआर मेघवाल, अग्रणी बैंक जिला प्रबन्धक, बारां