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देह, अंगदान और रक्तदान कर जिले में प्रेरणा बन गए पिता-पुत्र

मानवसेवा में जुटे पिता-पुत्र, विद्यालय में छात्रों को तो बाहर लोगों को दिखा रहे राह

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बारां

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Mukesh Gaur

Oct 31, 2023

देह, अंगदान और रक्तदान कर जिले में प्रेरणा बन गए पिता-पुत्र

देह, अंगदान और रक्तदान कर जिले में प्रेरणा बन गए पिता-पुत्र

कहते हैं जब किसी भी कार्य को करने का जुनून सवार हो तो कोई काम बड़ा नहीं। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है क्षेत्र के युवा ने जो राजकीय सेवा में कार्यरत होते हुए नर सेवा के कार्य करने में कहीं कमी नहीं छोड़ता। यहां तक की परिवार के सभी सदस्य उसे कार्य को नारायण सेवा समझकर 24 घंटे करने में जुटे हुए हैं। कवाई कस्बे के समीप स्थित पारलिया गांव निवासी मर्मिट परिवार के सदस्य मानव कल्याण कार्य के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। वहीं ओरों को भी इसके लिए प्रेरित करने में जुटे हैं।

लोगों के लिए बने प्रेरणा

पिता व पुत्र ने देहदान की घोषणा कर अब तक कई बार रक्तदान किया है। पिता पेंशनर अध्यापक हैं तो पुत्र वर्तमान में शिक्षक के पद पर कार्यरत है। छीतर लाल मर्मिट जो राजकीय सेवाओं में शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। जिनकी राउमावि खोपर से 2013 मे सेवानिवृत्ति हो चुकी है। पुत्र डॉ. अनिल मर्मिट वर्तमान में झालावाड़ जिले के खानपुर में अध्यापक हैं।

कई जगह हुआ सम्मान

सामाजिक कार्यों को लेकर उन्हें बारां, कोटा, झालावाड़, बूंदी, जयपुर, झुंझुनूं, चुरू, माउन्ट आबू (सिरोही), बीकानेर, राजगढ़, इन्दौर, भोपाल, पानीपत (हरियाणा), नई दिल्ली, जम्मू (जम्मू कश्मीर), बोधगया (बिहार), ऋषिकेश (उत्तराखंड), अयोध्या व नेपाल मे आयोजित समारोह में सम्मानित किया जा चुका है।
अनिल रक्तदान को लेकर हर समय लोगों को प्रेरित करने में लगे रहते हैं। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जिसको भी ब्लड की जरूरत होती है उसके लिए रक्तदाता की व्यवस्था भी करवाते हैं।

परिवार की महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं

मार्मिट परिवार रक्तदान को लेकर हर समय तैयार रहता है। ऐसे में अनिल की पत्नी भी अब तक दर्जनों बार रक्तदान कर चुकी हैं। ऐसे में क्षेत्र में लगने वाले रक्तदान शिविर के दौरान अनिल पत्नी के साथ रक्तदान करने पहुंचते हैं।

देह, अंग और नेत्रदान किया

पिता-पुत्र मानव सेवा के कार्य के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। पिता ने 2018 में मेडिकल कॉलेज कोटा में देहदान करने की घोषणा की। पुत्र अनिल ने 2019 में देहदान की घोषणा की है। 2018 में हरियाणा के रोहतक में ऑर्गन डोनेट, 2012 में नेत्रदान की घोषणा कर चुक हैं। अनिल वर्तमान में रक्तकोष फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक, समर्पण संस्था में संरक्षक सदस्य, समर्पण ब्लड डोनर संस्था के संयोजक व आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, आईएसबीटीआई (इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन इम्यूनोहेमेटोलॉजी), इंटेक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज), भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी बारां के सदस्य हैं। वे अब तक 70 बार रक्तदान कर चुके हैं। इसमें 44 बार रक्तदान व 26 बार एसडीपी दान शामिल है। मर्मिट ने अब तक बारां, झालावाड़, कोटा, बूंदी, देवली टोंक, जयपुर, राजगढ़ आदि शहरों सहित कई गांव-कस्बों में 225 से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन कर चुके हैं।