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बारां जिले के किसानों को मिलेगा भूमि के हिसाब से आदान अनुदान

राज्य सरकार ने 1253 राजस्व गांवों में 1236 अभावग्रस्त घोषित, दो हैक्टेयर जमीन का सभी किसानों को एसडीआरएफ से मिलेगी मदद

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बारां जिले के किसानों को मिलेगा भूमि के हिसाब से आदान अनुदान

बारां जिले के किसानों को मिलेगा भूमि के हिसाब से आदान अनुदान

बारां. राज्य सरकार ने सोमवार को अतिवृष्टि से प्रभावित प्रदेश के 7 जिलों के 3704 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। इनमें सबसे अधिक 1236 गांव बारां जिले के हैं। इन गांवों के सभी किसानों को 2 हैक्टेयर भूमि में खराबे का 13600 रुपए आदान अनुदान (मुआवजा) मिलेगा। यह राशि सीधे किसानों के खातों में जमा कराई जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से गत अगस्त माह के पहले सप्ताह में विशेष गिरदावरी करने के आदेश जारी किए थे। विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट के आधार पर खरीफ की फसलों में 33 प्रतिशत खराबे की प्रमाणिक जानकारी के बाद बारां समेत प्रदेश के सात जिलों के 3704 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। बारां जिले में कुल 1253 राजस्व गांव हैं, लेकिन इनमें 17 गांवों में कृषि भूमि नहीं है, शेष 1236 गांवों को अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। अब इन गांवों के किसानों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत आदान अनुदान दिया जाएगा। खास बात यह है कि इसका लाभ सभी किसानों को मिलेगा। आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रावधानों के तहत आदान अनुदान अधिकतम दो हैक्टेयर कृषि भूमि पर ही देय होगा।
पटवारियों को दिए सर्वे के निर्देश
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार की इस घोषणा के बाद जिले के सभी हल्का पटवारियों को पात्र किसानों के सर्वे के लिए निर्देश जारी कर दिए है। आगामी एक पखवाड़े में सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों को आदान अनुदान (सरकारी मदद) प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग से राशि मिलेगी।

अभी तक नहीं मिली कोई मदद
गत मानसून सत्र में अति व अनावृष्टि से कोटा संभाग के सर्वाधिक फसल खराबा बारां जिले में हुआ है। इसके बावजूद जिले के किसानों को अब तक न तो मुआवजा मिला है और न ही बीमा कम्पनियों की ओर से प्रभावित किसानों को क्लेम दिया गया है। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में खरीफ की सभी फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक खराबा हुआ है। ऐसे में किसान सरकारी मदद को ताक रहे हैं।

पटवारियों की बढ़ी जिम्मेदारी
इन दिनों राज्य सरकार के निर्देश पर प्रशासन गांवों संग अभियान चल रहा है, जो आगामी 20 दिसम्बर तक जारी रहेगा। इस अभियान में पटवारियों की उपस्थिति अनिवार्य है, अब उन्हें आदान अनुदान के लिए पहली प्राथमिकता सर्वे भी करना होगा। ऐसे में पटवारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाएगी।

-राज्य सरकार के आदेश की पालना के लिए जिले के सभी पटवारियों को निर्देशित कर दिया गया है। एक पखवाड़े में पटवारियों की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों आदान अनुदान (आर्थिक मदद) देना शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य में कोताही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-बृजमोहन बैरवा, अतिरिक्त जिला कलक्टर बारां